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अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड को लेकर सामने आई नई जानकारी, इस तरह से भी मिलेगा फायदा

Sat, 12 Jan 2019 10:07 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 12 Jan 2019 10:07 AM IST
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Atal Ayushman yojana golden card important information
golden card

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहर बनवाए जा रहे गोल्डन कार्ड को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। अब इस तरह से भी दइसका फायदा मिलेगा। अब इसके तहत परिवार के हर सदस्य का नाम सूची में शामिल होना आवश्यक नहीं है।

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परिवार के किसी एक सदस्य का नाम भी अगर सूची में शामिल है, तो उसके हर सदस्य को लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्हें उस सदस्य के साथ अपने रक्त संबंध (रिश्ते) को प्रमाणित करते दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
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अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल अब भी बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अमर उजाला कार्यालय में अपने सवाल भेज रहे हैं। इसके अलावा सीधे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी सवाल पूछ रहे हैं।
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वहीं, कार्ड बनाने पहुंच रहे लोगों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन सवालों और समस्याओं को हमने योजना की नोडल अधिकारी डा. सरोज नैथानी के सामने रखा। उन्होंने इस सवालों के विस्तार से जवाब दिए। 
 

किसी बच्चे का जन्म 2012 के बाद हुआ, उसका कार्ड कैसे बनेगा?
-2012 की सूची में उसकी मां या पिता का नाम होना चाहिए। अगर उनका नाम भी नहीं है तो उन्हें कोई ऐसा दस्तावेज देना होगा, जिससे प्रमाणित हो कि वह राज्य के निवासी हैं। साथ ही उन्हें ऐसा दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा, जिससे साबित हो कि वह बच्चे के माता-पिता हैं। यह उन लोगों को भी देना होगा, जिनका नाम सूची में है लेकिन बच्चे का नहीं।

2012 में एक संयुक्त परिवार था, जो अब दो या तीन अलग-अलग परिवार हो गए, उनके सदस्य कैसे जुड़ेंगे?
-संयुक्त परिवार के राशन कार्ड में उन सदस्यों के नाम होंगे। उस नाम के आधार पर उनके नए या मौजूदा परिवार के सभी सदस्यों के कार्ड बन जाएंगे। उन्हें परिवार के सदस्यों के साथ अपने संबंध या रिश्ते का प्रमाणिक दस्तावेज देना होगा। 

जिनका नाम पात्रता सूची में ना हो, उन लोगों का क्या होगा?
हम 2012 के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के राशन कार्ड, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) और मतदाता प्रमाण पत्र के आधार पर पात्र लोगों के नाम तलाश रहे हैं। उसके बावजूद अगर उत्तराखंड के किसी मूल निवासी या उसके परिवार के लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं तो वह परिवार रजिस्टर की नकल ला सकते हैं। उसकी जांच के बाद नाम जोड़ दिया जाएगा। 
 

क्या प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को अटल आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा?
-2012 के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थी और 2012 में मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने वाले सभी परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा प्रदेश के जिन लोगों के नाम दर्ज नहीं है, उनको भी जांच के बाद योजना का लाभ मिल सकता है। इसमें एपीएल, बीपीएल जैसी कोई शर्त नहीं है।

अगर वोटर लिस्ट में नाम न हो तो क्या लाभ नहीं मिलेगा?
-2012 की मतदाता सूची में जिन लोगों का नाम शामिल था, अगर उनके पास उस समय का वोटर आईडी कार्ड है, तो उन्हें निश्चित लाभ मिलेगा। अगर उस समय नाम नहीं था और बाद में जोड़ा गया, तो उन्हें राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर की नकल जैसे दस्तावेज देने होंगे।

क्या इसके लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता होगी।
-नहीं। राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड के द्वारा लाभार्थी का नाम सूची में देखा जा सकता है। योजना के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं है।
 

सरकारी नौकरी और पेंशनरों को कैसे लाभ मिलेगा?
-राज्य सरकार की नौकरी करने वालों और पेंशनरों के लिए 26 जनवरी 2019 से अंशदायी योजना की शुरूआत की जा रही है। इसके तहत उन्हें असीमित उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए उनसे पदक्रम के अनुसार बेहद मामूली अंशदान लिया जाएगा। 

जिन लोगों के पास मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) का कार्ड है, उनका क्या होगा?
-वह सभी लोग जो एमएसबीवाई में शामिल रहे, इस योजना से आच्छादित हैं। अगर उन्हें अपना नाम देखना है तो वह वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। जैसे ही एमएसबीवाई कार्ड का नंबर डालेंगे, उनका नाम आ जाएगा।

जिन लोगों के नाम पात्रता सूची में नहीं है, वह कैसे जोड़े जा सकते हैं?
-उत्तराखंड के निवासी जिनके पास 2012 का राशन कार्ड व वोटर आईडी कार्ड है और नाम पात्रता सूची में नहीं है तो उन्हें परिवार रजिस्टर के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। स्थानीय स्तर पर जांच के बाद वे वेबसाइट पर खुद पंजीकरण करा सकते हैं।
 

गोल्डन कार्ड कहां बनेगा? शुल्क क्या होगा?
-अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर और सरकारी अस्पताल में जाकर गोल्डन कार्ड बनवाया जा सकता है। इसके लिए आपका नाम पात्रता सूची में होना अनिवार्य है। इसके लिए 30 रुपये का शुल्क देना होगा। कार्ड न होने पर फिलहाल उपचार के लिए सीधे अस्पताल जा सकते हैं। मुख्यमंत्री की ओर से जारी पत्र के साथ कोई भी मान्य आईडी होने पर उपचार की सुविधा मिलेगी।

2011 के बाद जो लोग नौकरी या अन्य कारणों से राज्य में आए हैं, उनका क्या होगा?
-जो उत्तराखंड के निवासी हैं, उन्हें अटल आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा। सरकारी या निजी वर्ग के नौकरी पेशा लोगों के लिए ईएसआई, ईसीएचएस जैसी योजनाएं हैं। वैसे सरकारी अस्पतालों में तो उपचार मुफ्त उपलब्ध है, लेकिन उन्हें अटल आयुष्मान का लाभ नहीं मिलेगा।

अगर इलाज में पांच लाख से ज्यादा खर्च आएगा तो क्या होगा?
-इस योजना में केवल पांच लाख रुपये तक का ही उपचार मिलेगा। किडनी ट्रांसप्लांट जैसे कुछ महंगे उपचार हैं, जिनका खर्च पांच लाख से ज्यादा है। ऐसे मामलों के लिए व्याधि निधि समेत सरकार की अन्य व्यवस्थाएं हैं।

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