उत्तराखंड की चतुर्थ विधानसभा के प्रथम सत्र का आगाज शुक्रवार को राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल के अभिभाषण से हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन व स्वच्छ प्रशासन के लिए राज्य सरकार वर्ष 2011 में बनाए गए लोकायुक्त और स्थानांतरण अधिनियम को लागू करेगी। गैरसैंण में सबकी सहमति से ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने पर विचार किया जाएगा। सरकार शिक्षा नीति की नये सिरे से समीक्षा करेगी और संविदा और अतिथि शिक्षकों के समायोजन करने का प्रयास करेगी। कर्मचारियों की वेतन विसंगति व पदोन्नति प्रकरणों के निराकरण को शिकायत प्रकोष्ठ बनेगा।
किसान से लेकर कर्मचारियों तक के मुद्दों पर बोले राज्यपाल, जानिए और क्या रहा विस सत्र में खास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पशुलोक ऋषिकेश में गौ विज्ञान संस्थान की स्थापना होगी। उन्होंने अभिभाषण में कहा कि सरकार किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान 15 दिन भीतर करेगी। एससी-एसटी छात्रवृत्ति में अनियमितताओं की जांच होगी। सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से सदन की कार्यवाही आरंभ हुई। सत्तारुढ़ भाजपा के विजन डाक्यूमेंट की उनके अभिभाषण पर स्पष्ट छाप दिखी। अभिभाषण में कहे गए तकरीबन सभी बिंदु डाक्यूमेंट में शामिल हैं। करीब 30 मिनट के अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार की शिकायत के लिये मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में एक हेल्प लाइन स्थापित होगी। सेवा के अधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
आर्थिक अपराधों की सुनवाई को विशेष न्यायालय खुलेंगे। लोक अदालत, न्यायधिकरण व समझौता केंद्रों को स्थापना होगी। पुलिस विभाग का आधुनिकीकरण होगा। सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों एवं पदोन्नतियों के प्रकरणों के निराकरण को एक शिकायत प्रकोष्ठ का गठन होगा। आपदा प्रभावित के लिए प्रभावी विस्थापन एवं पुनर्वास नीति बनेगी। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को संविधान प्रदत्त प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार दिये जाएंगे। धुआंमुक्त रसोई के लिये पात्र परिवारों को निशुल्क रसोई गैस की सुविधा दी जाएगी। शासकीय व अशासकीय स्कूलों व कॉलेजों में शिक्षक-कर्मियों की नियुक्ति को तत्काल कदम उठाए जाएंगे। हर जिले में छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम चिकित्सा केंद्र स्थापित होंगे जहां निशुल्क दवाइयां दी जाएंगी। समेकित नवीन पर्यटन योजना बनेगी। वीरान पड़े घरों को होम स्टे योजना से जोड़ा जाएगा। पर्यटन गाइड के लिए प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा। मध्य हिमालयी क्षेत्र में चिन्हित स्थानों पर योग अभ्यास केंद्रों की स्थापना होगी। राज्य की कृषि भूमि का सर्वे होगा। बंजर भूमि विकास को विशेष कार्य योजना बनेगी। कृषि उत्पादों की खरीद की गारंटी दी जाएगी। वर्ष 2019 तक सभी गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। पंतनगर, नैनीसैनी, गोचर व चिन्याली सौड नियमित हवाई सेवाओं के प्रयास होंगे।
नई रेललाइनों के निर्माण व विस्तारीकरण को केंद्र सरकार से स्वीकृति के लिए प्रयास होंगे। स्मार्ट शहरों के पैटर्न पर न्याय पंचायत केंद्रों पर अटल आदर्श गांवों की स्थापन होगी। सरकारी सेवा में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को कड़ाई से लागू किया जाएगा। राज्य के विकास में युवाओं की भागीदारी को नई युवा नीति बनाई जाएगी। स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती से लागू करने को सरकार निकायों के ढांचे में पद सृजित कर पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जाएगी। देहरादून-हल्द्वानी में कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल बनेंगे। सरकारी सेवाओं में एससी व एसटी के बैक लाग के पदों को भरा जाएगा।