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विधानसभा सत्र में पानी की तरह नहीं बहेगा पैसा
अजित सिंह राठी / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 04 Jun 2014 10:50 AM IST
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गैरसैंण में विधानसभा सत्र के नाम पर होने जा रहे करोड़ों के संभावित खर्च पर रोक लग गई है। स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने खर्चे पर बैरियर लगा दिया है।
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कुल खर्चे का एस्टीमेट एक करोड़ रुपए
उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हाल में कुल खर्चे का एस्टीमेट एक करोड़ से ऊपर नहीं पहुंचना चाहिए।
जबकि अधिकारियों ने गैरसैंण में सत्र के नाम पर इंतजामों की जो सूची तैयार की थी उसे लेकर बाद में हायतौबा मचनी थी।
स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने बताया कि जब गैरसैंण में विधानसभा का सत्र कराने की एक्सरसाइज शुरू हुई थी।
तभी मैंने मुख्य सचिव सुभाष कुमार व अपर मुख्य सचिव (वित्त) राकेश शर्मा को बुलाकर यह शर्त रख दी थी कि गैरसैंण में होने वाले सत्र का खर्च एक करोड़ से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
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हेलीकॉप्टर का भी ज्यादा प्रयोग न हो। स्पीकर ने बताया कि जब सरकार इस शर्त को मानने के लिए राजी हो गई तभी मैंने गैरसैंण में विधानसभा सत्र केलिए हामी भरी है।
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इसलिए यह तय है कि एक करोड़ से ज्यादा का खर्च इस विधानसभा सत्र पर नहीं होगा। जितना खर्चा देहरादून में आयोजित सत्र में होता है उससे कुछ ही ज्यादा खर्च गैरसैंण में होगा।
केवल 300 लोगों के लिए होगी व्यवस्था
उनका कहना है कि विधानसभा सचिवालय ने इस बात की सख्त हिदायत दी है कि वहां पर केवल 300 लोगों की व्यवस्था होगी।
इन सभी व्यक्तियों की सूची विधानसभा सचिवालय के पास हैं। इसलिए हम खर्चे पर पूरी तरह अंकुश लगाकर रखेंगे।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक गैरसैंण में पहले एक हजार लोगों के लिए इंतजाम किये जाने थे। वहीं उनके रहने और खाने पर सर्वाधिक खर्च आ रहा था।
बताते हैं कि वहां नेताओं व अधिकारियों के पीने के पानी की बोतलों पर ही लाखों का खर्च अनुमानित था।
सरकार भी मान रही है कि गैरसैंण में सत्र को लेकर विपक्ष और मीडिया की पैनी निगाहें होंगी ऐसे में जिस उद्देश्य को लेकर वहां सत्र बुलाया गया है उससे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
अनुपूरक में होगी सत्र के बजट की व्यवस्था
गैरसैंण में हुए सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय के बजट में भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने बताया कि फौरी तौर पर शासन से बजट लेकर सत्र की व्यवस्था होगी और बाद में इसे अनुदान मांगों में स्वीकृत करा लिया जाएगा।
लेकिन खर्चा बढ़ने के पूरे आसार
स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल भले ही दावा करे लेकिन खर्चा तो बढ़ेगा। गैरसैंण में होने वाले सत्र में विधान भवन का सभामंडप, मंत्रियों, अफसरों के दफ्तर, आवास की व्यवस्था सब किराए पर होगी।
सहायक सामग्री जैसे कंप्यूटर, ब्राडबैंड, फोटो स्टेट मशीन आदि ऐसे संसाधन हैं जिनका अलग से बंदोबस्त किया जाना बेहद जरूरी है।
यदि सत्र देहरादून में होता या फिर गैरसैंण में सरकार ने विधानभवन की व्यवस्था कर ली होती त उपरोक्त इन चीजों पर पड़ने वाले अतिरिक्त व्यय से बचा जा सकता था।
सरकार में 40 से ज्यादा विभाग है। सत्र संचालन के समय हर विभाग के सचिव या प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्षों को भी गैरसैंण पहुंचना होगा। इसलिए ट्रांसपोर्ट व्यय के लिए ही सरकार को मोटी रकम जुटानी होगी।