उत्तराखंड: कहीं रिश्वत लेते लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार तो कहीं आरोपी मंडी निरीक्षक सस्पेंड
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सहायक चकबंदी कार्यालय में दाखिल खारिज के नाम पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रुड़की से विजिलेंस टीम ने लेखपाल धर्मेंद्र कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। टीम आरोपी को लेकर देहरादून रवाना हो गई है। घिस्सुपुरा धनपुरा, तहसील ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी मुर्सलीम मुर्गों का सप्लायर है। इसने और इसके भाइयों ने कुछ लोगों के साथ मिलकर गांव सीतापुर, जिला हरिद्वार निवासी यशपाल सिंह से 18 अप्रैल 2018 को 0.526 हेक्टेयर खेती की जमीन खरीदी थी। इसका दाखिल खारिज कराने के लिए मुर्सलीम 30 अगस्त को शेरपुर गांव स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय पहुंचे।
वहां वह लेखपाल धर्मेंद्र कुमार से मिले। धर्मेंद्र कुमार के पास कानूनगो का भी चार्ज है। इसने दाखिल खारिज की रिपोर्ट लगाने के लिए मुर्सलीम से 54 हजार रुपये रिश्वत देने की मांग की। मुर्सलीम ने इसकी शिकायत देहरादून स्थित विजिलेंस से कर दी। जांच करने पर रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर शनिवार सुबह विजिलेंस इंस्पेक्टर विमल कुमार टम्टा, टीम के साथ चकबंदी कार्यालय शेरपुर गांव पहुंचे। निर्धारित समय पर उन्होंने मुर्सलीम ने लेखपाल धर्मेंद्र कुमार को कार्यालय में ही 30 हजार रुपये दिए। इस पर विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ दबोचा और देहरादून के लिए रवाना हो गए।
विजिलेंस आरोपी को लेकर देहरादून रवाना
चकबंदी लेखपाल धर्मेंद्र कुमार को शनिवार को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने पर लेखपालों में अफरातफरी मची हुई है। कार्रवाई करने के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को अपने साथ देहरादून लेकर रवाना हो गई है। टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की रकम को बरामद कर लिया है। यह नोट विजिलेंस ने ही शिकायतकर्ता मुर्सलीम को दिए थे। एसपी विजिलेंस सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि लेखपाल धर्मेंद्र कुमार निवासी भारूवाला, थाना मंडावली, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी पश्चिमी अंबर तालाब कोतवाली गंगनहर रुड़की के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। विजिलेंस आरोपी को अपने साथ देहरादून ले गई है।
रिश्वत लेने का आरोपी मंडी निरीक्षक सस्पेंड
मंडी लाइसेंस बनाने के नाम पर आढ़ती से आठ हजार की रिश्वत मांगने वाले मंडी निरीक्षक को मंडी परिषद के एमडी धीराज गर्ब्याल ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी को विजिलेंस टीम ने खटीमा और बनबसा में दबिश दी। लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। टीम को आशंका है कि वह नेपाल भाग गया है। जल्द ही निरीक्षक के सरेंडर ना करने पर विजिलेंस उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की का आदेश लेगी।
शुक्रवार को विजिलेंस ने इंद्र बहादुर की धरपकड़ को बगवाड़ा मंडी और किच्छा स्थित उनके सरकारी आवास पर दबिश दी लेकिन वह पकड़ में नहीं आए। एक बार फिर विजिलेंस के इंस्पेक्टर पंकज उप्रेती, संजय पांडे, इंदर सिंह राणा और एसआई प्रदीप देवली ने मंडी निरीक्षक के खटीमा और बनबसा में उनके ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन वह नहीं मिला। विजलेंस टीम में शामिल आरएस मेहता और इंद्र सिंह राणा खटीमा पुलिस को वारंट देकर चली आई। विजलेंस विभाग का कहना है कि आरोपी के नहीं मिलने पर धारा 82 के तहत कोर्ट से कुर्की उद्घोषणा करने का अनुरोध किया जाएगा। विजिलेंस इंस्पेक्टर पंकज उप्रेती ने बताया आरोपी की जल्द गिरफ्तारी न होने पर इंद्र बहादुर के खिलाफ कोर्ट से कुर्की आदेश लेकर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
क्या था मामला
मंडी निरीक्षक इंद्र बहादुर चंद ने मंडी का लाइसेंस बनवाने के लिए आढ़ती पुरुषोत्तम अग्रवाल से 251 रुपये लाइसेंस फीस के अलावा आठ हजार रुपये मांगे थे। 21 अगस्त को इंद्र बहादुर ने अवकाश पर जाने के बाद अपने साथी निरीक्षक भुवन गोस्वामी को पैसा लेने के लिए कहा था। इस मामले में विजलेंस टीम ने इंद्र बहादुर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, अदालत ने आरोपी मंडी निरीक्षक इंद्र बहादुर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर लिया।