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अपराजिता संवाद : शिक्षकों, छात्रों के साथ अभिभावकों के लिए भी चुनौती है आभासी दुनिया में पढ़ाई

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 30 Sep 2020 01:46 PM IST
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कोरोना और ऑनलाइन एजुकेशन
कोरोना और ऑनलाइन एजुकेशन - फोटो : social media

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कोरोना काल की दुश्वारियों और बंद पड़े स्कूलों की समस्या के बीच ऑनलाइन पढ़ाई एक बड़ी चुनौती है। एक ओर जहां अभिभावकों पर बच्चों की कक्षाओं का इंतजाम करने के साथ ही उनकी समयबद्धता से क्लास कराने का दबाव है तो दूसरी ओर शिक्षकों के लिए भी यह आभासी दुनिया एक नया अनुभव लेकर आई है।
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अमर उजाला अपराजिता संवाद के तहत हुई बातचीत में शिक्षिकाओं और अभिभावकों ने ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़े तमाम पहलू सामने आए। एक ओर जहां शिक्षिकाओं ने इसे अपने लिए एक नया अनुभव बताया तो वहीं अभिभावकों ने इसे एक बड़ी चुनौती करार दिया।


मुश्किल है बच्चे का रूटीन बनाए रखना

संवाद के दौरान अभिभावकों को सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों के रूटीन की थी। उनका कहना है कि पहले बच्चा समय से उठकर तैयार होकर स्कूल जाता था, लेकिन अब वह न तो समय से उठता है और न ही समय से ऑनलाइन क्लास में बैठता है। वह क्या पढ़ रहा है, कितना पढ़ रहा है, यह समझना भी अभिभावकों के लिए काफी मुश्किल काम है। 

दो बच्चों में कैसे चलाएं ऑनलाइन क्लासेज

अभिभावकों को इस बात की चिंता है कि उनके दो बच्चे स्कूल जाते हैं तो उनके लिए मोबाइल का इंतजाम कैसे करें? मसलन, पापा रोज ड्यूटी चले जाते हैं और मम्मी के पास केवल एक मोबाइल है। इस एक मोबाइल से दोनों बच्चे एक समय पर कैसे क्लास करें। अभिभावकों के लिए दोनों बच्चों को अलग मोबाइल उपलब्ध कराना भी संभव नहीं हो पा रहा है।

मोबाइल बना रहा है बच्चों को बीमार

संवाद के दौरान यह बात भी अभिभावकों ने प्रमुखता से उठाई कि मोबाइल उनके बच्चों को बीमार बना रहा है। तमाम ऐसे रिसर्च पहले भी आ चुके हैं, जिससे मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल करने के नुकसान स्पष्ट हैं। ऐसे में लगातार ऑनलाइन कक्षाएं करने वाले बच्चों का भविष्य क्या होगा, इसकी अभिभावकों को बेहद चिंता है।

स्कूलों को बनाने होंगे पोर्टल

अपराजिता संवाद में यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि स्कूलों को अपने पोर्टल बेहतर बनाने होंगे। जो भी कक्षाएं या एसाइनमेंट होते हैं, वह दिन-प्रतिदिन उन पोर्टल पर अपडेट करने होंगे। ऐसे में अगर कोई बच्चा क्लास अटेंड नहीं कर पाता या किसी और परेशानी में होने की वजह से होमवर्क नहीं कर पाता, उसके लिए पोर्टल बड़ा सहारा बनेगा।
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