अपराजिता 100 मिलियन स्माइल: तीन घंटे में 1.15 लाख लोगों ने ली महिला सुरक्षा व सशक्तीकरण की शपथ
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तीन घंटे के भीतर देहरादून के एक लाख 15 हजार लोगों ने अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तीकरण की शपथ लेकर कीर्तिमान बना दिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक से लेकर आम लोगों ने बढ़चढ़कर इस अभियान में हिस्सा लिया।
बुधवार को सुबह दस बजे से देहरादून शहर, विकासनगर, सेलाकुई, ऋषिकेश में अमर उजाला अपराजिता शपथ कीर्तिमान महाअभियान की शुरुआत हुई। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, एसजीआरआर विश्वविद्यालय, डीआईटी विश्वविद्यालय, उत्तरांचल पीजी कॉलेज, दून पीजी कॉलेज, डॉल्फिन पीजी कॉलेज से लेकर तमाम निजी व सरकारी विद्यालयों, अस्पताल, विधानसभा, सचिवालय के साथ ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के तमाम कार्यक्रमों में शपथ पत्र पूरे उत्साह से भरे गए।
झुककर न डरकर, जिंदगी जिएंगे शान से
ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय में शपथ पत्र भरने के कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने नारा दिया कि न झुककर न डरकर, जिंदगी जिएंगे शान से। उन्होंने कहा कि घर हो या बाहर, नारी को हमेशा पूरा सम्मान देना चाहिए। नारी को भी उस सम्मान का सम्मान करना चाहिए।
अपराजिता अभियान से उत्साहित होकर ग्राफिक एरा विवि के वाइस चांसलर डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि विवि परिसर के भीतर 6000 छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके लिए दिल्ली से एक महिला पुलिस अधिकारी को बुलाया जाएगा। इस मौके पर ग्राफिक एरा विवि के चांसलर प्रो. आरसी जोशी, प्रो वाइस चांसलर प्रो. नागराजा व सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। पूरे आयोजन में ग्राफिक एरा के साहिब सबलोक का विशेष सहयोग रहा।
खुद को कमजोर न समझें महिलाएं: डीजी
एसजीआरआर यूनिवर्सिटी में अपराजिता कीर्तिमान महाअभियान में पहुंचे पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने कहा कि महिलाएं खुद को कमजोर समझने की भूल ना करें, क्योंकि वो अबला नहीं अपराजिता है, जो किसी से हार नहीं सकती। उन्हाेंने महिलाओं से जुड़े सुरक्षा कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकाराें, ताकत और सुरक्षा कानूनाें की जानकारी होनी चाहिए।
अधिकांश घटनाओं में देखने में आता है कि महिलाओं को सुरक्षा कानूनाें और अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। ऐसे में उनका शोषण हो जाता है। महिलाआें को अपने दिमाग से यह बात निकाल देनी चाहिए कि वे कमजोर हैं।
इस मौके पर विवि के कुलपति डॉ. पीतांबर प्रसाद ध्यानी, प्रति कुलपति डॉ. प्रीति कोठियाल, डॉ. सुरेश चंद्र पचौरी, डॉ. मीनाक्षी भट्ट, डॉ. प्रशांत माथुर, डॉ. दिनेश, डॉ. प्रीति तिवारी, डॉ. सुनिता सिंह, डॉ. मनदीप नारंग, डॉ. आशुतोष बडोला, डॉ. किरन भट्ट आदि मौजूद रहे।