सावधान! एंटीबॉयोटिक, पेनकिलर और बच्चों के सिरप के 15 नमूने फेल, खरीदने से पहले ध्यान जरूर दें
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औषधि विश्लेषणशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से भेजे गए एंटीबॉयोटिक्स, दर्द निवारक और बच्चों के सिरप के 15 नमूने जांच में फेल हो गए हैं। इनमें से सर्वाधिक 14 नमूने हरिद्वार जिले से लिए गए थे।
राज्य भर से सितंबर एवं अक्तूबर में खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला में दर्द निवारक दवाओं, एंटीबॉयोटिक्स, बच्चों के सिरप और गैस की दवाओं के 38 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें सितंबर के कुल 16 नमूनों में से एंटीबॉयोटिक्स सिफेक्जिम के नैनीताल व हरिद्वार जिले से लिए गए एक-एक नमूने फेल हो गए हैं।
जबकि, अक्तूबर के कुल 22 नमूनों में हरिद्वार जिले से लिए गए एंटीबॉयोटिक्स सिफडोकजाइन के तीन, एंटीबायोटिक्स सिफेक्जिम के दो, कोडिन सिरप के दो, गैस की दवा ओमीप्राजोल के दो, एसीलोफिनेक एंड पैरासिटामोल का एक और सिफेक्जिम ड्राई सिरप के दो सैंपल फेल हो गए हैं।
अब रुद्रपुर में ही बैठेंगे खाद्य विश्लेषक
खाद्य विश्लेषक अब प्रतिदिन रुद्रपुर की खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला में बैठेंगे। शासन से इसकी मंजूरी मिल गई है। राजकीय विश्लेषक निशांत त्यागी ने बताया कि इससे पूर्व केंद्रीय फूड लैब गाजियाबाद से खाद्य विश्लेषक सप्ताह में एक ही दिन आते थे। 31 अक्तूबर तक उनका करार था। अब उनकी नियमित नियुक्ति रुद्रपुर में होगी।
जहां से यह नमूने लिए गए हैं उस मेडिकल स्टोर, दवा के थोक व्यापारियों, दवा का उत्पादन करने वाली कंपनी को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद औषधि प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व 1945 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत नेगी, औषधि अनुज्ञापन अधिकारी कुमाऊं