CM ने उत्तराखंड की जनता पर की तोहफों की बरसात
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डोईवाला में नवनिर्मित तहसील का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घोषणाओं का पिटारा खोल दिया।
उत्तराखंड से जुड़ी योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर दर्जनों योजनाओं की घोषणा की है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 15 अगस्त से किसान पेंशन योजना प्रारंभ करने जा रही है।
उत्तराखंड ऐसा करने वाला पहला राज्य होगा। 15 अगस्त से ही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, रंगकर्मियों/ कलाकारों व पुरोहितगणों के लिए सम्मान पेंशन योजना भी शुरू की जाएगी।
राज्य सरकार निशक्तता पेंशन के साथ निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के लिए भी पेंशन देने पर कार्ययोजना तैयार कर रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में कवर न होने वालों के लिए राज्य की खाद्य सुरक्षा योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
28 विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
रविवार को डोईवाला में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नवनिर्मित डोईवाला तहसील का उद्घाटन और रानीपोखरी में गैस एजेंसी समेत कुल 6202.23 लाख रुपए की 28 विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने तहसील के उद्घाटन के साथ ही नागल ज्यालापुर के सुबोध नारायण शर्मा व कुंआवाला के ज्ञान सिंह को खतौनी की नकल प्रदान की।
सीएम ने कहा कि 36 गांवों को नई तहसील में लिया गया है। जो गांव इसमें शामिल होना चाहते हैं व जो गांव इसके दायरे से बाहर रहना चाहते हैं, उस पर स्थानीय लोगों की इच्छा के अनुसार निर्णय ले लिया जाएगा।
तहसीलदार की नियुक्ति कर दी गई है, एसडीएम की तैनाती भी शीघ्र कर दी जाएगी।
मानवीय विकास पर विशेष रूप से फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है। राज्य सरकार ना केवल ढांचागत विकास पर बल दे रही बल्कि मानवीय विकास पर भी विशेष रूप से फोकस कर रही है।
जरूरतमंदों के लिए पेंशन उनके अधिकार के रूप में प्रदान करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि डोईवाला को गन्ना बीज उत्पादन के लिए चयनित किया गया है।
इससे क्षेत्र के किसान लाभान्वित होंगे। चीनी मिल कर्मचारियों के डीए मर्जर के आदेश कर दिए गए हैं। इनके लिए वेज बोर्ड भी बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, शूरवीर सिंह सजवाण, जिलाधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम साडा की सचिव झरना कमठान, एडीएम प्रताप शाह, एसडीएम सदर मोहन सिंह बर्निया, एसडीएम ऋषिकेश संतोष कुमार पांडेय, बीडीओ सावित्री रावत, मनोज नौटियाल, मनीष नागपाल, हरपाल सिंह सैनी, गौरव मल्होत्रा, नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, हाजी अमीर हसन, कुंवर सिंह मनवाल, गुरदीप सिंह आदि मौजूद थे।
क्या कुछ निकला मुख्यमंत्री के पिटारे से
. रानीपोखरी में 34 लाख की लागत से गैस गोदाम
. उत्तराखंड जल संस्थान के अंतर्गत 82.82 लाख की पेयजल योजनाएं
. आरईएस के तहत 95 लाख रुपये की लागत से विभिन्न स्थानों पर बारातघर
. दूनघाटी विकास प्राधिकरण के तहत 93.60 लाख की लागत से विभिन्न मार्गों का निर्माण
. लोक निर्माण विभाग के तहत 5896.65 लाख की लागत से विभिन्न मार्गों का निर्माण
. डोईवाला में संयुक्त अस्पताल का निर्माण
. रानीपोखरी में पालीटेक्निक कालेज
. घमंडपुर जूनियर हाई स्कूल का उच्चीकरण
. डोईवाला टाउन एरिया में टाउन हॉल
. कालूवाला में सौंग नदी पर पुल
. माजरीग्रांट से शेरगढ़ में 2 किमी अतिरिक्त मार्ग निर्माण
. नथुआवाला में एक नया नलकूप
. नकरौंदा या नवादा में नलकूप
. नत्थनपुर-नकरौंदा में संपर्क मार्ग
. बुल्लावाला-शक्तिवाला संपर्क मार्ग
. राजीव नगर में 500 मीटर पाइपलाइन
. अठूरवाला में एटीएम के साथ ही स्थानीय लोगों की मांग पर शेष रह गए मार्गों के लिए कुल 10 किमी सड़क निर्माण की मंजूरी की घोषणा
तीस हजार का वार्षिक बीमा प्रत्येक परिवार को
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ की जाएगी। इसमें 30 हजार रुपए तक का वार्षिक बीमा का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार को मिलेगा।
इलाज का खर्च इससे अधिक होने पर बीपीएल परिवार के लिए राज्य सरकार पूरा खर्च वहन करेगी, जबकि सामान्य परिवार होने पर आधा खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी।
जून माह में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में राज्य की 62 फीसदी जनता आच्छादित होगी। इसमें 2 रुपए किलो गेहूं व 3 रुपये किलो चावल दिया जाएगा।
बाकी लोगों के लिए राज्य सरकार की अपनी खाद्य सुरक्षा योजना प्रारंभ की जाएगी।
निशक्तता पेंशन के तहत आकस्मिक दुर्घटना में विकलांग हो जाने वाले किसानों, घास काटते हुए विकलांग हो जाने वाली महिलाओं अर्थात आजीविका के लिए काम करने के दौरान दुर्घटना में विकलांग होने पर पेंशन दी जाएगी।
पेंशन दया के तौर पर नहीं बल्कि अधिकार के तौर पर दी जाएगी। निर्माण कार्यों में लगे मजदूर को 65 वर्ष की आयु होने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह की पेंशन दी जाएगी।
इसके लिए 100 करोड़ रुपए का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। परित्यक्ताओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
गौरादेवी कन्याधन योजना में सहायता राशि को बढ़ाकर एकमुश्त 50 हजार रुपए कर दिया गया है। नौजवानों के लिए 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कि प्रकिया प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने प्राईवेट चीनी मिलों को ऋण के लिए गारंटी दी है ताकि गन्ना किसानों का बकाया भुगतान हो सके।
पर जमीनी हकीकत कुछ और है
नई तहसीलों के गठन के नाम पर कागजी खानापूरी भले ही कर दी गई हो पर इसको धरातल पर उतारने में कम से कम दस साल का समय लगना तय है।
प्रदेश सरकार की अन्य योजनाएं ही अगर धरातल पर उतर पाईं तो इन तहसीलों का जन उपयोग के हिसाब से औचित्य ही नहीं रह जाएगा।
पिछले कुछ समय में ही प्रदेश में करीब 16 नई तहसीलें घोषित कर दी गईं। अब प्रदेश में तहसीलों की संख्या करीब सौ हो चुकी है। इन नई तहसीलों के लिए कागजी खानापूरी करने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।
मसलन डोईवाला तहसील का शासनादेश 14 फरवरी 2014 को ही कर दिया गया था। इस तहसील के लिए पद सृजित करने का आदेश भी जारी कर दिया गया। यही हाल प्रदेश की अन्य नई घोषित तहसीलों का भी है।
तहसील के गठन के साथ ही अन्य कई प्रक्रि याएं भी हैं। मसलन नई तहसील को रेवेन्यू रिकार्ड हस्तांतरित किए जाएंगे। तहसील के लिए भवन होगा और सृजित पदों के सापेक्ष अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
नक्शे अलग किए जाएंगे, खातों का हिसाब-किताब भी होगा। जाहिर है कि नई तहसीलों के लिए अभी यह काम नहीं किया जा सका है।
राजस्व विभाग का हाल यह है कि प्रदेश में करीब 50 प्रतिशत तहसीलदारों के पद खाली हैं। अन्य स्टाफ का भी यही हाल है। इतना ही नहीं पटवारियों की भी प्रदेश में भारी कमी है।
शासन के सूत्रों के मुताबिक भवन निर्माण से लेकर स्टाफ की नियुक्ति और रिकार्ड हस्तांतरित करने में ही कम से कम आठ से दस साल का समय लगना तय है। इतने समय में तहसील की उपयोगिता न के बराबर रह जाएगी।
केंद्र सरकार के सहयोग से ही देवभूमि के नाम से सरकार जमीन के बहीखातों को ऑनलाइन करने की तैयारी कर रही है।
सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत जाति, मूल निवास, आदि प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन निर्गत किए जाने की व्यवस्था की जा रही है।
जाहिर है कि यह काम अगर समय पर पूरा होता है तो कम से कम इन सब बातों के लिए तहसील का चक्कर काटने से लोगों को निजात मिल जाएगी। ऐसा होने पर तहसील की उपयोगिता खुद ब खुद कम होती चली जाएगी।