अंकिता हत्याकांड: गरमाई सियासत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने की प्रेसवार्ता, VIP को लेकर सीबीआई जांच की मांग
अंकिता हत्याकांड को लेकर बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें वीआईपी के नाम का जिक्र किय गया। इसके बाद से ही सियासत गरमाई हुई है।
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उत्तराखंड का अंकिता हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वीआईपी के नाम को लेकर राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गाेदियाल ने भी दिल्ली में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दस दिनों के भीतर अगर सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
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बता दें कि बीते दिनों बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने फेसबुक लाइव आकर खुलासा किया। इस वीडियो में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। उन्होंने वीडियो में बताया कि गट्टू बीजेपी का बड़ा नेता है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ का भी जिक्र किया। जिसके बाद से कांंग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है।
आरती गौड़ ने दिया इस्तीफा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोप लगने के बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है।
यह था हत्याकांड का पूरा मामला
18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। घटना के एक सप्ताह बाद चीला नहर से शव बरामद हुआ था। एसआईटी की जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 97 गवाह बनाए गए थे। जिसमें से अभियोजन पक्ष ने विवेचक समेत 47 गवाह परीक्षित कराए।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर और तीसरे आरोपी अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोपों पर विचारण किया गया। इसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी।
वहीं, घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में वीआईपी के आने की जानकारी दी थी। उसने पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उसपर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने के लिए दबाव डाल रहा है। लेकिन वीआईपी कौन था यह राज आज भी बरकरार है।
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