जंगली हाथी ने डेढ़ घंटे तक रामनमगर-मोहान मार्ग पर मचाया तांडव, यात्रियों ने छिपकर बचाई जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगली हाथी ने सोमवार तड़के एक बार फिर काशीपुर-बुआखाल हाईवे (रामनगर-मोहान मार्ग ) पर मोहान के पास घंटे भर तक जाम लगाए रखा।
इस दौरान उसने कई ट्रकों में लदा अनाज खाया। कई वाहनों के शीशे तोड़ डाले। अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा दिया। गजराज को भगाने के लिए वनकर्मियों ने पटाखे जलाकर फायरिंग भी की। बावजूद इसके करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर गजराज का कब्जा रहा। हाथी का तांडव देखकर वाहन चालक वाहनों को सड़क पर ही छोड़ गए और आसपास छिपकर अपनी जान बचाई।
सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे मोहान से पहले भूतगढ़ी नाले के पास अचानक गजराज काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर आ गया। इससे वहां ट्रैफिक जाम हो गया।
बंदूकों से फायरिंग कर टस्कर को खदेड़ा
हाथी वाहनों और ट्रकों में लदी सब्जियों, गुड़, गेहूं आदि को चट कर गया। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने पटाखे जलाए। बंदूकों से फायरिंग कर उसे खदेड़ा।
करीब एक घंटे तक हाईवे पर जाम लगाने के बाद वह कोसी रेंज के जंगल की ओर चला गया। कोसी रेंज के रेंजर बीपी पंत ने बताया कि हाईवे पर उसे आसानी से खाना मिल जा रहा है, इसलिए वह हाईवे की ओर ज्यादा आ रहा है।टेड़ा रोड की ओर भी उसकी आवाजाही है। उन्होंने राहगीरों, वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
एक प्रत्यक्षदर्शी दीवान सिंह ने बताया कि वह मौलेखाल को आ रहे थे। इसी दौरान सुबह साढ़े चार बजे टस्कर हाथी सड़क पर आ धमक गया और उसने उत्पात मचाना शुरू कर दिया।
शनिवार को भी रामनगर में भोजन की तलाश में हाईवे पर आ गया था हाथी
हाईवे पर गजराज के कब्जे के कारण दोनों ओर करीब चार किमी तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वनकर्मियों के 10 राउंड हवाई फायरिंग और पटाखे जलाने पर गजराज जंगल की तरफ निकल गया।
हाथी शनिवार दोपहर करीब एक बजे रिंगौड़ा के पास हाईवे पर धमका। उसने इत्मीनान से हाईवे से गुजर रहे पिकप वाहन में लदा राशन खाया। इसके बाद उसने कई वाहनों की छत पर रखा गुड़, टमाटर, फल और सब्जिया भी चट कर लीं। इस दौरान वाहनों में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच रही, हालांकि उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचा।
सेल्फी लेने वालों का तांता
यह हाथी रामनगर वन प्रभाग के जंगल में कोसी नदी की ओर चला गया है। हाथी की आमद को देखते हुए वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। जिन गाड़ियों में से हाथी ने अनाज आदि खाया था, उन गाड़ियों को उसने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। हाथी के निकलते ही सभी गाड़ियां गंतव्य की ओर रवाना हो गईं।
- बीपी पंत रेंजर कोसी