मानदेय बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने करीब 1500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिया।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कर्मचारी संगठन उत्तराखंड के नेतृत्व में शनिवार दोपहर करीब एक बजे कार्यकर्ताएं एकत्रित हुईं और मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुईं। करीब डेढ़ बजे पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। आरोप है कि स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और पुलिस वैन में बैठाकर एकता विहार, परेड ग्राउंड और सुद्धोवाला सहित विभिन्न स्थानों पर छोड़ दिया। आंगनबाड़ी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि कार्यकर्ता लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें 9300 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे गुजारा करना मुश्किल है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की मांग की है। सेवानिवृत्ति के समय 10 लाख रुपये की राशि देने संबंधी शासनादेश जारी करने, खातों से 300 रुपये की कटौती बंद करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक मशीन से न जोड़ने की मांग भी की गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, रंजीता अरोड़ा, पूनम, गोविंदी मेहता और सुनीता भट्ट आदि माैजूद रहीं।