फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Amrit Sarovar work running behind target in Uttarakhand

Amrit Sarovar: उत्तराखंड में धीमी गति से चल रहा अमृत सरोवर का काम, 15 अगस्त तक 375 तालाब बनाने का था लक्ष्य

Mon, 08 Aug 2022 03:50 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 08 Aug 2022 03:50 PM IST
सार

प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल को अमृत सरोवर योजना की औपचारिक घोषणा की थी। इस योजना के तहत देशभर में प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जिले में 75-75 तालाब बनाए जाने हैं। उत्तराखंड में 15 अगस्त तक 375 अमृत सरोवर बनाने के लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन काम बहुत धीमी गति से चल रहा है।

विज्ञापन
Amrit Sarovar work running behind target in Uttarakhand
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में अमृत सरोवर योजना का काम धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में कुल 1279 तालाब बनाए जाने हैं, इसके सापेक्ष अभी तक कुल 247 तालाबों का ही निर्माण पूरा हो पाया है। 15 अगस्त तक 375 तालाब बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था, जो फिलहाल पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
विज्ञापन


आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को अमृत सरोवर योजना की औपचारिक घोषणा की थी। इस योजना के तहत देशभर में प्रत्येक राज्य के प्रत्यके जिले में 75-75 तालाब बनाए जाने हैं। उत्तराखंड में इस योजना के तहत कुल 1279 स्थलों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 959 नए तालाब और 320 का जीर्णोद्धार किया जाना है।
विज्ञापन


प्रदेश में ग्राम्य विकास विभाग को 926, वन विभाग को 312 और शहरी विकास विभाग को 41 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य दिया गया है। फिलहाल सभी विभाग लक्ष्य से पिछड़ते नजर आ रहे हैं। योजना के तहत चिह्नित स्थानों पर एक हेक्टेयर भूमि पर सरोवर का निर्माण कर 10 क्यूबिक मीटर पानी संग्रहित किया जाना है। लेकिन उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए एक हेक्टेयर से कम भूमि में भी सरोवर बनाने की छूट दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तलाबों में जमा पानी का उपयोग सिंचाई के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन इत्यादि में किया जाएगा। इसके अलावा यह भू-जल रिचार्ज का बड़ा स्रोत बनेंगे। इन तालाबों के निर्माण से प्रदेश में हर वर्ष वनों में लगने वाली को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।

जाया हो जाता है बारिश का पानी 

एक अनुमान के अनुसार, प्रदेश में प्रतिवर्ष तकरीबन 15 सौ मिमी बारिश होती है। जिसमें मानसून का योगदान 12 सौ मिमी से अधिक है। बारिश का यह पानी जाया चला जाता है। इसका कुछ हिस्सा इन तालाबों में समेटा जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से अमृत सरोवर की परिकल्पना की गई है। ताकि बरसात के पानी को संग्रहित कर आने वाले दिनों में उसका उपयोग किया जा सके। 

15 अगस्त को अमृत सरोवरों के पास फहराया जाएगा तिरंगा

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त को सभी नवनिर्मित सरोवरों के पास तिरंगा फहराया जाएगा। इसके लिए बकायदा अलग चबूतरा तैयार किया जा रहा है। इस दिन शहीद सैनिकों के परिजनों, रिटायर सैन्य अधिकारी, पद्मश्री, पद्मभूषण या अन्य किसी सम्मानित व्यक्ति के हाथों तिरंगा फहराया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है।

ये भी पढ़ें...Tilu Rauteli Award:  अब हर साल अधिकतम 13 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार, ये हैं इस साल की वीरांगनाएं

प्रदेश में अमृत सरोवर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। 15 अगस्त तक 375 अमृत सरोवर बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। बरसात के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन कोशिश की जा रही है कि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा कर लिया जाए। 
- आनंद स्वरूप, अपर सचिव, आयुक्त ग्राम्य विकास

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed