भारतीय सेना ने अमेरिका संग ली आतंकवाद को हराने की ट्रेनिंग
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यूएस आर्मी और कुमाऊं रेजीमेंट की छठी बटालियन के संयुक्त युद्ध अभ्यास में भारतीय जवानों ने नाइट विजन और आधुनिक हथियार चलाना सीखा।
अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान, इराक आतंकवाद और भारतीय सेना के जवानों ने पूर्वोत्तर कश्मीर को लेकर आतंक मचाने वाले आतंकवादियों और विद्रोहियों से लोहा लेने के गुर सीखे।
कुमाऊं रेजीमेंट के कर्नल शेखावत ने फोन पर बताया कि वाशिंगटन में यूएस आर्मी बेस कैंप में 12 से 27 सितंबर तक संयुक्त युद्धाभ्यास हुआ जिसमें मेजर जनरल धर्मवीर राणा, कुमाऊं रेजीमेंट की छठी बटालियन के ब्रिगेडियर जनरल जीएस जमवाल और शरद कपूर के नेतृत्व में कुमाऊं रेजीमेंट के जवान शामिल हुए।
15 दिन तक चले इस युद्धाभ्यास में सैनिकों ने आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, नागरिक सहायता, बंधक स्थितियों या क्विक रिएक्शन आदि का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान अमेरिकी व कुमाऊं रेजीमेंट भारतीय सेना के जवानों ने टैंक, मैगजीन समेत कई अत्याधुनिक हथियार चलाना सीखे।
उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान कुमाऊं के जवानों ने आतंकवाद की स्थिति से निपटने के लिए अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर एक इमारत में प्रवेश कर हॉलीवुड के फिल्म दृश्य की तरह फायरिंग और अपने रेडियो सेट पर संवाद स्थापित किया। जो काफी सराहनीय रहा। सही मायनों में ये युद्ध अभ्यास संयुक्त राष्ट्र शांति के लिए आतंकवादियों से लोहा लेने पर आधारित था। कुमाऊं के जवानों ने अमेरिका के नाइट विजन को भी जाना।
यूएस आर्मी के कुमाऊंनी जवान से मिले भारतीय सैनिक
देश के प्रति आन, बान और शान कुर्बान करने का जज्बा तो सेना के जवानों में देखा गया है। लेकिन, दूसरे देश की रक्षा का जज्बा आज पहली बार देखने को मिला। यूएस आर्मी में तैनात कुमाऊं के रानीखेत निवासी मोहित पांडे से जब कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों ने मुलाकात की तो वे गौरवान्वित हो उठे।
मोहित ने फोन पर बताया कि रानीखेत से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह अपने पिता डा. बीडी पांडे और अन्य परिजनों के साथ अमेरिका चले गए। मोहित ने अमेरिका से होटल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की और एमबीए करने के बाद अमेरिकी सेना में भर्ती हो गए।
वाशिंगटन में अमेरिकी बेस कैंप में तैनात मोहित पांडे से कुमाऊं रेजीमेंट-6 भारतीय सेना के जवान मिले तो उन्होंने खुद को भी भारतीय बताया। मोहित ने बताया कि अमेरिका की नागरिकता मिलने के बाद वह भारत की तरह ही अमेरिका को भी अपना देश मानते हुए उसकी रक्षा को सेना में भर्ती हो गए।
कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों का यह सुन सीना फख्र से चौड़ा हो गया। सेल्यूट करने से खुद को न रोक पाए। उन्होंने मोहित की देशभक्ति को सलाम करते हुए उत्तराखंड पर गौरव महसूस किया। इस दौरान ब्रिगेडियर जनरल जीएस जमवाल, शरद कपूर व कर्नल शेखावत से भी मोहित ने मुलाकात की।