फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ambulances will be deployed for wildlife on Delhi-Dehradun Expressway Supreme Court Committee Instructions

उत्तराखंड: दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर वन्यजीवों के लिए तैनात रहेगी एंबुलेंस, फ्लाईओवर पर लगेंगे मोबाइल टावर

Wed, 09 Nov 2022 11:49 AM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 09 Nov 2022 11:49 AM IST
सार

एक्सप्रेस-वे के तहत एशिया के सबसे लंबे और ऊंचे वन्यजीव गलियारे का निमार्ण किया जा रहा है।एनएचएआई के अधिकारियों से फ्लाईओवर के साथ ही छोटे-छोटे मोबाइल टावर लगाने के निर्देश दिए गए। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण में वन्यजीवों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

विज्ञापन
Ambulances will be deployed for wildlife on Delhi-Dehradun Expressway Supreme Court Committee Instructions
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण में वन्यजीवों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व क्षेत्र में परियोजना से होने वाले दुष्परिणामों को कम करने के लिए अधिक से अधिक ग्रीन एरिया को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही संभावित दुर्घटनाओं के मद्देनजर एक्सप्रेस-वे में निश्चित दूरी पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी, ताकि क्रासिंग के दौरान मोटर वाहनों से टकराने पर वन्यजीवों को समय पर रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया जा सके।

विज्ञापन

 
करीब 12,300 करोड़ की लागत से बनने वाले 210 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे को दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाना है। इसको लेकर परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। परियोजना के तहत पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई ओवरसाइट कमेटी भी इस पर बराबर नजर रख रही है।

विज्ञापन

 

बीते दिनों नई दिल्ली में कमेटी के अध्यक्ष वन महानिदेशक व विशेष सचिव चंद्र प्रकाश गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना के तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई। इस बैठक में उत्तराखंड वन विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों ने भाग लिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फ्लाई ओवर में भी लगाए जाएंगे लाइट एवं साउंड बैरियर
एक्सप्रेस-वे के तहत एशिया के सबसे लंबे और ऊंचे वन्यजीव गलियारे का निमार्ण किया जा रहा है। इसका आखिरी 20 किमी का हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां मोबाइल कनेक्टिविटी की दिक्कत है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए बैठक में चर्चा की गई है। एनएचएआई के अधिकारियों से फ्लाईओवर के साथ ही छोटे-छोटे मोबाइल टावर लगाने के निर्देश दिए गए। इसी क्षेत्र में 340 मीटर लंबी डाट काली सुरंग भी शामिल है, जिसका काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा फ्लाई ओवर में लाइट एवं साउंड बैरियर भी लगाए जाएंगे। 

ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए ईको रेस्टोरेशन प्लान 
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पूरे एरिया को ग्रीन कवर करने के लिए ईको रेस्टोरेशन प्लान पर काम किया जा रहा है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश अपने-अपने हिस्से में इस प्लान को लागू करेंगे, जिसका खर्च एनएचआई उठाएगा। इसके अलावा पार्क क्षेत्र में आग से बचाव के उपाय, वाटर पीट, ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम आदि भी विकसित किए जाएंगे। 

ये भी पढ़ें...उत्तराखंड स्थापना दिवस: हमने बहुत तरक्की की पर संभावनाएं कहीं अधिक हैं, पढ़िए पूर्व मुख्य सचिव की ये खास बातें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे निर्माण के तहत गणेशपुर-आशारोड़ी क्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड को लेकर वन्यजीवों से जुड़े मसलों को लेकर बैठक में चर्चा की गई। एक्सप्रेस-वे का ज्यादातर हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क की सीमा से होकर गुजरता है। वन्य जीवों को ध्यान में रखते हुए डीजी वन की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएचएआई की ओर से उठाए जा रहे कदमों और परियोजना से संबंधित प्रगति जानकारी साझा की गई। - पंकज कुमार मौर्य, एनएचएआई के परियोजना निदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed