{"_id":"5adcba044f1c1b84098b6015","slug":"amar-ujaleshwar-mahadev-temple-opening-ceremony-by-trivendra-singh-rawat","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे अमर उजालेश्वर महादेव मंदिर का पटोद्घाटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे अमर उजालेश्वर महादेव मंदिर का पटोद्घाटन
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:07 PM IST
विज्ञापन
amar ujaleshwar temple
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदल घाटी के सरखेत गांव में सोमवार (23अप्रैल) को मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई गणमान्य लोग नवनिर्मित अमर उजालेश्वर महादेव का पटोद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही गणेश जोशी की विधायक निधि से बनाए गए सामुदायिक भवन और ताछिला में अमर उजाला की ओर से बनाए गए पुल का लोकार्पण भी किया जाएगा।
विज्ञापन
स्थानीय ग्रामीणों के अनुरोध पर अमर उजाला ने सरखेत में मंदिर और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया है। इसके लिए ग्राम पंचायत ने भूमि उपलब्ध कराई है। मंदिर में मूर्तियां उपलब्ध कराने में डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के चेयरमैन अरविंद गुप्ता ने सहयोग दिया है।
विज्ञापन
जबकि सामुदायिक भवन का निर्माण मसूरी विधायक गणेश जोशी ने अपनी विधायक निधि से करवाया है। यह सामुदायिक भवन ग्रामीणों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। शनिवार से मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू हुआ। सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण और भंडारा आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
अपराह्न चार बजे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विशिष्ट अतिथि विधायक गणेश जोशी, शंकराचार्य जगद्गुरु राजराजेश्वराश्रम महाराज, पद्मश्री अनिल जोशी समेत कई गणमान्य लोग मंदिर का पटोद्घाटन करेंगे। साथ ही सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहेंगे।
ताछिला में पुल का होगा लोकार्पण
मंदिर के पटोद्घाटन के बाद सभी अतिथि ताछिला में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बनाए गए पुल का लोकार्पण करेंगे। ताछिला अधिक ऊंचाई पर बसा गांव है। गांव तक पहुंचने के लिए लोगों को नीचे आकर बांदल नदी को पार करना पड़ता था। पक्का पुल न होने के चलते ग्रामीण यहां लकड़ी का पुल बनाते थे, जो हर साल बरसात के दौरान बह जाता था। ग्रामीणों के अनुरोध पर अमर उजाला फाउंडेशन ने डीआरडीओ की तकनीक पर आधारित पक्के पुल का निर्माण किया है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।