फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Amar ujala medhavi samman samaroh Dehradun Uttarakhand Board Toppers dinner at CM residenc

मेधावी सम्मान समारोह 2023 : उत्तराखंड बोर्ड के मेधावियों को अमर उजाला आज करेगा सम्मानित

Fri, 28 Jul 2023 03:15 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 28 Jul 2023 03:15 AM IST
सार

अमर उजाला का सम्मान समारोह शुक्रवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा।

विज्ञापन
Amar ujala medhavi samman samaroh Dehradun Uttarakhand Board Toppers dinner at CM residenc
मेधावियों से बात करते सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शिरकत करने देहरादून पहुंचे प्रदेश भर के प्रतिभाशाली बच्चों और उनके अभिभावकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल अपने आवास पर रात्रि भोज दिया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत भी मौजूद थे। अमर उजाला का सम्मान समारोह आज सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा।

विज्ञापन


अमर उजाला मेधावी सम्मान 2023: कल होगा प्रदेश के होनहारों का सम्मान, मुख्यमंत्री धामी करेंगे सम्मानित
विज्ञापन


अपने जीवन में पहली बार सीएम आवास पर कदम रखने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के चेहरों पर उत्साह व उल्लास की झलक दिखी। उनके अभिभावक भी अपने बच्चों की उपलब्धि पर गौरवान्वित दिखे। मुख्यमंत्री ने बच्चों के पास जाकर उनसे बातचीत भी की। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे तो पहाड़ से आई कुछ मांएं भावुक हो गईं। इस दौरान कुछ बच्चों ने अपने क्षेत्र और विद्यालय की समस्याओं से जुड़े प्रश्न भी पूछे।

विज्ञापन
विज्ञापन

Amar ujala medhavi samman samaroh Dehradun Uttarakhand Board Toppers dinner at CM residenc

मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सामान्य परिवार से आने वाले बच्चों की प्रतिभा समाज के लिए एक प्रेरणा है। हमारे महान लोगों ने सामान्य परिवारों में रहकर ही असाधारण कार्य किए हैं।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने सरकार की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्तियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मेधावी छात्राें से यह भी कहा कि वे अपने सुझाव लिखकर दें, जिसे हम पुस्तक के रूप में प्रकाशित करेंगे।
 

छात्रा ने बताई कूड़े की समस्या, सीएम ने तुरंत डीएम को दिए निर्देश

विवेकानंद इंटर कॉलेज, बागेश्वर की पल्लवी जोशी ने कहा, उच्च शिक्षा के लिए वहां अच्छे विकल्प नहीं हैं। इसलिए लोग अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पलायन कर रहे हैं। सरस्वती विद्या मंदिर, भटवाड़ी, उत्तरकाशी की दसवीं की छात्रा कोमल ने कहा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए जिले में कोई इंतजाम नहीं है। उत्तरकाशी से आईं दसवीं की छात्रा अंशिका ने कूड़े का मुद्दा उठाया। कहा, गंदगी के कारण सड़क से गुजरने में लोगों को दिक्कत होती है। इस पर सीएम ने डीएम को फोन कर समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

मेधावियों के साथ सीएम ने किया संवाद, खूब खिंचाई सेल्फी

पहली बार मुख्यमंत्री आवास के अंदर प्रवेश करते होनहारों की आंखों में मेधा की चमक है। अंदर पहुंचते ही खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। प्रदेशभर से आए बच्चे भी सीएम को अपने बीच पाकर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। सीएम बच्चों को संबोधित करते हैं तो यह बताना भी नहीं भूलते कि सिर्फ उनकी काबिलियत ने ही उन्हें यहां तक पहुंचाया है। सीख भी देते हैं कि यह पहला पायदान है। अभी तो बहुत आगे जाना है। संबोधन खत्म होने के बाद बच्चों ने सीएम को घेर लिया। सीएम धामी भी इन होनहारों के साथ प्रफुल्लित नजर आए। बच्चों से हाथ मिलाया तो कई के साथ सेल्फी भी ली। सीएम ने बच्चों के साथ संवाद भी किया। बच्चों को बिना किसी बंदिश के बोलने का मौका दिया गया।  

वैकल्पिक विषयों को मिले पढ़ने का मौका

सरस्वती विद्या मंदिर ऋषिकेश के आयुष ने सीएम से कहा कि मेधावियों की तरह अभिभावकों और गुरुजनों का भी सम्मान होना चाहिए। वह डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन गणित में भी उनकी रुचि थी। सीबीएसई की तरह वह गणित के साथ जीव विज्ञान पढ़ना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका और जीव विज्ञान छोड़ना पड़ा। ऐसी व्यवस्था हो कि वैकल्पिक विषयों को भी छात्र पढ़ सकें। वहीं, जीबी पंत राजकीय इंटर कॉलेज की 12वीं की छात्रा दीपांजलि गोस्वामी ने कहा, उनके स्कूल में गेस्ट टीचर नहीं आते। इससे कई बच्चों का परिणाम प्रभावित हो गया। उन्होंने बारिश में रास्ते खराब होने की समस्या भी बताई।

मेधावियों ने ये कहा

कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अच्छे नंबर लाकर इस तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री से रूबरू हो पाऊंगा। मुख्यमंत्री ने बहुत अच्छा मार्गदर्शन किया। सफलता पाने के मंत्र बताए। कहा, एक बार सफल होकर रुकना नहीं है। लक्ष्य निर्धारित करना है।
-मोहित मिलकानी, हाईस्कूल

मुख्यमंत्री के साथ रात्रिभोज की कभी कल्पना नहीं की थी लेकिन अच्छे नंबर लाने पर उन्होंने यह मौका देकर उत्साह बढ़ाया। उन्होंने प्रेरणा दी कि सफलता की कोई लिमिट नहीं है। कामयाब बनने के लिए माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करने की प्रेरणा मिली।
-पावनी वर्मा, हाईस्कूल

मुख्यमंत्री को अपने सामने बैठकर पहली बार सुना। उन्होंने नई शिक्षा नीति के बारे में बताया। शिक्षा में सुधार और स्कूल-कॉलेजों में अध्यापकों की कमी दूर करने का भी भरोसा दिलाया। इससे पहाड़ों पर रहने वाले छात्र-छात्राओं में उम्मीद की नई किरण जगी है।
-कोमल कुमारी, हाईस्कूल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रूबरू होना सपने जैसे था। उनके सामने अपने विचारों को रखने का अवसर मिला। उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याएं बताने का अवसर मिला। यहां पर मिली प्रेरणा हमें आगे के अपने संकल्पों को पूरा करने में सहायक बनेगी।
-प्रियंका कांडपाल, इंटरमीडिएट

अभी तक मेरा लक्ष्य निर्धारित नहीं था। मैं कई बार अपने लक्ष्यों को लेकर विकल्प भी तलाशने लगता था लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां लक्ष्य के समक्ष विकल्प आ जाता है, वहीं कामयाबी दूर हो जाती है। इससे यह सीख मिली कि लक्ष्य से भटकना नहीं है।
-दिव्यांश भट्ट, इंटरमीडिएट

हमें सिर्फ अंकों में नहीं उलझना है। ज्ञान पाने की लालसा के साथ आगे बढ़ना है। यही प्रेरणा इस कार्यक्रम से मिली। साथ ही विद्या पाने का मतलब विनम्र होना भी है। यह मुख्यमंत्री ने बताया। इसलिए, मेधावी होने के साथ संस्कारवान भी बनना है।
-प्रिया पांडे, इंटरमीडिएट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed