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हर्रावाला में कोचिंग डिपो खोलने की तैयारी
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देहरादून। हर्रावाला रेलवे स्टेशन में कोचिंग डिपो बनाने की कवायद चल रही है। इससे जहां दून स्टेशन का दबाव कम होगा। इसके अलावा अधिक ट्रेनों और कोचों के आने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले दून से हर्रावाला तक निरीक्षण के बाद वहां पर जमीन की उपलब्धता और अन्य संभावनाओं पर मंथन कर लिया है। इस बाबत रेलवे की ओर से राज्य सरकार से भी संपर्क किया जा रहा है।
दरअसल, देहरादून स्टेशन पर 13 से अधिक कोच वाली ट्रेनों कोलाने में दिक्कत होती है। इसी वजह से करीब 18 से अधिक ट्रेनें हरिद्वार से ही लौट जाती हैं। यार्ड और वाशिंग लाइन भी सीमित होने की वजह से ट्रेनों के समुचित मेंटिनेंस में भी दिक्कत आती है।
दून स्टेशन पर भले ही पांचवां प्लेटफार्म बन रहा है, लेकिन जगह की कमी को देखते हुए स्टेशन के ज्यादा विस्तार की संभावना कम ही है। इसलिए रेलवे अब हर्रावाला को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। ताकि कुछ ट्रेनों को वहीं से धुलाई, टूट फूट की मरम्मत कर संचालित किया जा सके। सूत्रों के अनुसार हर्रावाला में मालगाड़ी के यार्ड को वर्तमान जगह से कुछ दूर ले जाने के प्रस्ताव पर भी अधिकारियों में मंथन हुआ है।
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शहर के ट्रैफिक पर भी पडे़गा असर
दून स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या कम होने से शहर के ट्रैफिक भी असर पड़ेगा। इससे ट्रेनों के आवागमन के वक्त स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर आढ़त बाजार और गांधी रोड पर अक्सर लगने वाले जाम की समस्या से काफी कुछ निजात मिल सकेगी।
कोचिंग डिपो बनाने पर चल रहा है मंथन : डीआरएम
मुरादाबाद रेल मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण प्रकाश ने इसे लेकर कुछ दिन पहले मंडल और स्थानीय स्तर के अधिकारियों के साथ देहरादून, हर्रावाला और ट्रैक आदि का भौतिक निरीक्षण किया था। डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि हर्रावाला में कोचिंग डिपो बनाए जाने पर मंथन चल रहा है।
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दरअसल, देहरादून स्टेशन पर 13 से अधिक कोच वाली ट्रेनों कोलाने में दिक्कत होती है। इसी वजह से करीब 18 से अधिक ट्रेनें हरिद्वार से ही लौट जाती हैं। यार्ड और वाशिंग लाइन भी सीमित होने की वजह से ट्रेनों के समुचित मेंटिनेंस में भी दिक्कत आती है।
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दून स्टेशन पर भले ही पांचवां प्लेटफार्म बन रहा है, लेकिन जगह की कमी को देखते हुए स्टेशन के ज्यादा विस्तार की संभावना कम ही है। इसलिए रेलवे अब हर्रावाला को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। ताकि कुछ ट्रेनों को वहीं से धुलाई, टूट फूट की मरम्मत कर संचालित किया जा सके। सूत्रों के अनुसार हर्रावाला में मालगाड़ी के यार्ड को वर्तमान जगह से कुछ दूर ले जाने के प्रस्ताव पर भी अधिकारियों में मंथन हुआ है।
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शहर के ट्रैफिक पर भी पडे़गा असर
दून स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या कम होने से शहर के ट्रैफिक भी असर पड़ेगा। इससे ट्रेनों के आवागमन के वक्त स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर आढ़त बाजार और गांधी रोड पर अक्सर लगने वाले जाम की समस्या से काफी कुछ निजात मिल सकेगी।
कोचिंग डिपो बनाने पर चल रहा है मंथन : डीआरएम
मुरादाबाद रेल मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण प्रकाश ने इसे लेकर कुछ दिन पहले मंडल और स्थानीय स्तर के अधिकारियों के साथ देहरादून, हर्रावाला और ट्रैक आदि का भौतिक निरीक्षण किया था। डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि हर्रावाला में कोचिंग डिपो बनाए जाने पर मंथन चल रहा है।