30 अप्रैल के बाद चारधाम यात्रा मार्ग पर ऑल वेदर रोड कटिंग पर लग जाएगी रोक
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सात मई से आरंभ होने वाली चारधाम यात्रा को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए ऑलवेदर रोड परियोजना की रफ्तार को कुछ धीमा किया जाएगा। परियोजना के तहत चल रहे पहाड़ों के कटान के काम पर मंगलवार से रोक लगाने का फैसला किया गया है। चारों धामों को जाने वाले राज मार्गों और वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने का कार्य समय पर पूरा कर लिया जाएगा। भारी बर्फबारी से केदारनाथ में ध्वस्त हो गई टेंट कालोनी को दोबारा से स्थापित करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर चलाने को कहा गया है।
ये निर्देश सोमवार को विधानसभा के सभागार में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दिए। महाराज के मुताबिक, केदारनाथ में भारी बर्फ होने के कारण जो समस्याएं सामने आई हैं, उनका समय पर समाधान कर लिया जाएगा। उनकी मानें तो केदारनाथ में एक हजार यात्रियों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जा रही है। एसडीआरएफ भी वहां टेंट लगाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
ऑलवेदर रोड से होगी यात्रा सुगम, वैकल्पिक मार्ग भी
गढ़वाल आयुक्त डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के मुताबिक, ऑलवेदर रोड बनने से यात्रा सुगम हो जाएगी। बहुत सारी जगह 12 मीटर तक चौड़ी हो गई है। इससे यात्रा बहुत सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए मुख्य मार्ग ऋषिकेश है। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर कोटद्वार से दुगड्डा, लैंसडोन, देवप्रयाग से पौड़ी-मूसागली-पैठाणी होते हुए और यमुनोत्री के लिए विकासनगर से, कुमाऊं के रामगनर से सराईखेत, बूंगीधार होते हुए महलचौरी गैरसैंण से कर्णप्रयाग।
निगम की हर दिन 16 बसें जाएंगी चारधाम
परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा के लिए इस बार रोजाना 16 बसों के संचालन का फैसला किया है। अभी तक यात्रा सीजन में चार बसें ही संचालित होती थीं। इस बार हर दिन हरिद्वार और ऋषिकेश से आठ-आठ बसें चारधाम के लिए चलेंगी। गढ़वाल आयुक्त के मुताबिक, यात्रा मार्ग पर यात्रियों के दबाव को देखते हुए 50 सिटी बसों को भी यात्रा मार्ग पर लगाया जा रहा है। 15 सिटी बसें रोटेशन में शामिल की गई हैं। ग्रीन कार्ड बनाने की व्यवस्था 15 दिन पहले ही कर दी गई है।
संपर्क मार्गों पर भी बसें रहें उपलब्ध
यात्रा सीजन के दबाव में यात्रा मार्ग से जुड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बैठक में पर्यटन मंत्री ने निर्देश दिए कि संपर्क मार्गों पर भी बसों का संचालन हो ताकि स्थानीय लोगों को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
24 घंटे काम करेंगे जिला आपदा आपातकालीन केंद्र
चारधाम यात्रा को देखते हुए जिला आपातकालीन केंद्र 24 घंटे काम करेंगे। 12 घंटे के लिए लोनिवि, राजस्व व आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहेंगे। डिजास्टर रेस्पांस में काफी सुधार होने का दावा किया गया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करा लिया गया है। वहां विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा मार्ग पर पालीथिन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
चारधाम यात्रा मार्ग पर पालीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यात्रा के दौरान स्वच्छता का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक मई को रुद्रप्रयाग और पौड़ी में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
सामाजिक संगठन करें निशुल्क भोजन का इंतजाम
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सामाजिक संगठनों का आह्वान किया कि वे चारों धामों में आने वाले गरीब श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था करें।
हवाई सेवा पर सस्पेंस
चारों धामों के लिए हवाई सेवा को लेकर अभी सस्पेंस बना है। बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई। बैठक के बाद अपर सचिव (नागरिक उड्डयन) डॉ. आर.राजेश कुमार ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उसकी सुनवाई होनी है। न्यायालय से जो आदेश होंगे, उसके आधार पर टेंडर किए जाएंगे।
मंत्री ने ये निर्देश भी दिए
-यात्रा के दौरान भिक्षावृत्ति पर रोक लगे
-घोड़ा-खच्चर, कंडी-डंडी की दरें तय हो जाएं
-चारधाम की एक वेबसाइट बनाई जाए
-यात्रा रूट के एटीम व बैंकों में पर्याप्त कैश रहे
-संचार नेटवर्क दुरुस्त हो, सेटेलाइट फोन की व्यवस्था रहे