फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Akhara Parishad says about saints criminal record

संत बनने से पहले किए किसी भी अपराध के लिए नहीं होगी कोई कार्रवाई- अखाड़ा परिषद्

Thu, 12 Oct 2017 09:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 12 Oct 2017 09:29 PM IST
विज्ञापन
Akhara Parishad says about saints criminal record

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद दीपावली के बाद फर्जी बाबाओं की दूसरी सूची जारी करने की तैयारियों में जुटी हुई है। कुछ अखाड़े उन साधुओं का इतिहास उनके मूल शहरों से खंगाल रहे हैं, जहां से आकर उन्होंने दीक्षा ली थी।

विज्ञापन


अलबत्ता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का मानना है कि साधु बनने से पहले यदि कोई अपराधी था, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी। संत बनने पर किए गए अपराधों के लिए दंडित किया जाएगा।  
विज्ञापन


गौरतलब है कि अखाड़े अपने भीतर से फर्जी बाबाओं को तलाशने का काम शुरू कर चुके हैं। पहली सूची में उन साधुओं को छेड़ा गया था, जो अखाड़ा परंपरा से नहीं आते। इस बार कई अखाड़ों ने अपने चर्चित बाबाओं का रिकार्ड तलाशना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उदाहरण के तौर पर एक अखाड़े से जुड़े हरिद्वार के ही एक बाबा के खिलाफ दिल्ली के एक थाने में 36 मुकदमे चल रहे हैं। एक बाबा के विरुद्ध उज्जैन में आयकर विभाग द्वारा मामला दर्ज किया गया था और कार्रवाई हुई है। इसी प्रकार विभिन्न शहरों में साधु बनने से पूर्व एक नहीं अनेक बाबाओं का आपराधिक इतिहास रहा है।

Akhara Parishad says about saints criminal record
demo pic

साधु बनने के बाद उनकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से सामने आई है। भगवा की आड़ में बहुत कुछ हो रह है, जिसे तब तक प्रमाणित नहीं किया जा सकता, जब तक की बाबाओं का आपराधिक रिकार्ड कुछ थानों से एकत्रित कर लिया जाए।

इसके लिए अखाड़ों द्वारा कुछ चर्चित बाबाओं का पूर्व इतिहास गूगल पर भी खंगाला गया है। जानकारी के मुताबिक एक बाबा की गतिविधियों का कच्चा चिट्ठा लेने के लिए अखाड़े के एक प्रतिनिधि को हरिद्वार से बाहर भेजा गया है। इसी प्रकार अन्य कुंभ नगरों और तीर्थों को साधुओं से भी कहा गया है कि वे अपने शहर के उन बाबाओं का ब्योरा इकट्ठा करें जो विवादास्पद माने गए हैं।  

अलबत्ता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी पूर्व इतिहास में जाने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि दीक्षा लेने से पहले कोई क्या था, इससे हमें मतलब नहीं। वास्तव में तो निशाने पर वे फर्जी बाबा हैं जो अपने आप ही खुद को संत बताने लगे हैं। साधु बनने से पहले पूर्व जीवन में व्यक्ति जो कुछ भी रहा हो, वह संन्यास दीक्षा लेने के बाद अर्थहीन हो जाता है।

माना तो यह भी गया है कि संन्यास से व्यक्ति का नया जीवन प्रारंभ हो जाता है। संत बनने के बाद यदि कोई भी आपराधिक मामले में फंसेगा तो तत्काल उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी सूची जारी करने का काम इन दिनों चल रहा है। दीपावली के बाद तय किया जाएगा कि परिषद की बैठक कब और कहा हो। संत जगत को बदनाम करने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed