उत्तराखंड में आतिशबाजी से 15 गुना तक बढ़ा प्रदूषण, पटाखे फोड़ने पर 12 लोगों का कटा चालान
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दिवाली की रात आतिशबाजी से शहर की हवा 15 गुना ज्यादा प्रदूषित हुई। बुधवार रात गति फाउंडेशन ने एक अत्याधुनिक मोबाइल मशीन से 10 इलाकों में प्रदूषण मापा गया। इनमें सबसे ज्यादा पटेलनगर प्रदूषित रहा।
उसके बाद झंडा चौक, खुड़बुड़ा, गांधीग्राम और गोविंदगढ़ प्रदूषित रहे। इनमें पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)-2.5 और पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)-10 (हवा में 10 माइक्रोमीटर से भी कम मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) के मानकों से 10 से 15 गुना ज्यादा प्रदूषण रहा।
गति फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने बताया कि दिवाली पर शहर में पटाखों से ज्यादा वायु प्रदूषण हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रदूषित न्यू पटेलनगर रहा। पहली बार शहर का प्रदूषण मापा जा रहा है।
इसके लिए पांच से नौ नवंबर तक की तारीख तय की है। बकौल नौटियाल, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि शहर में प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
फाउंडेशन के सह संस्थापक आशुतोष कंडवाल ने बताया कि उनकी टीम ने बल्लीवाला चौक, निरंजनपुर सब्जी मंडी, पटेलनगर, सहारनपुर चौक, झंडा चौक, खुड़बुड़ा मोहल्ला, गांधीग्राम, गोविंदगढ़ और घंटाघर में वायु प्रदूषण की स्थिति मापी गई है।
इस दौरान घंटाघर जैसे खुले क्षेत्र की तुलना में घनी आबादी वाले पटेलनगर और गांधीग्राम आदि में प्रदूषण का स्तर ज्यादा दर्ज किया गया। दिवाली की रात साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक अत्याधुनिक मशीन से शहर के पांच इलाकों में वायुमंडल में मौजूद पीएम-2.5 और पीएम-10 का स्तर मापा गया।
नौ नवंबर तक प्रदूषण स्तर मापने के बाद रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी। इससे पहले फरवरी में भी फाउंडेशन ने शहर के प्रमुख चौराहों और व्यावसायिक स्थलों पर प्रदूषण का स्तर मापा गया था, लेकिन इस बार अभियान के लिए रिहायशी इलाकों को चुना गया है।
क्या है पीएम-2.5 और पीएम-10
हवा में पीएम-2.5 की मात्रा 60 और पीएम-10 की मात्रा 100 होने पर हवा को सांस लेने के लिए सुरक्षित माना जाता है। इससे अधिक मात्रा होने पर स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
पटेलनगर 85 113
झंडा चौक 77 98
खुड़बुड़ा 68 84
गांधीग्राम 190 232
गोविंदगढ़ 82 104
(आंकड़े पांच नवंबर के हैं)
स्थान पीएम-2.5 पीएम-10
पटेलनगर 181 231
झंडा चौक 141 170
खुड़बुड़ा 102 134
गांधीग्राम 76 92
गोविंदगढ़ 99 125
(आंकड़े छह नवंबर यानी छोटी दिवाली के हैं)
स्थान पीएम 2.5 पीएम 10
पटेल नगर 859 1330
गांधीग्राम 797 1235
गोविंदगढ़ 759 1066
झंडा चौक 759 1131
खुड़बुड़ा 695 913
बल्लीवाला चौक 550 724
निरंजनपुर मंडी 649 888
पटेलनगर से सहारनपुर चौक तक 714 1030
सहारनपुर चौक 756 1089
घंटाघर 342 431
(आंकड़े सात नवंबर यानी दिवाली की रात के हैं)
देर रात तक पटाखे छोड़ने पर 12 का चालान
पुलिस द्वारा दीपावली की रात निर्धारित समय सीमा के बाद पटाखे छोड़ने वाले 12 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान कर जुर्माना वसूला गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन ने रात में आठ बजे से लेकर दस बजे तक आतिशबाजी का समय निर्धारित किया था।
थाना प्रभारियाें ने अपने-अपने क्षेत्र में लाउडस्पीकर से आतिशबाजी को लेकर समय सीमा का प्रचार किया था। चेतावनी दी थी कि दस बजे के बाद पटाखे छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी क्रम में पुलिस ने ऐसे 12 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान किया गया है। इनमें राजपुर पुलिस ने छह, प्रेमनगर ने दो, रायपुर ने एक और शहर कोतवाली पुलिस ने तीन लोगाें का चालान कर 3750 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
आतिशबाजी से घायल हुए 83 लोग
देहरादून। दिवाली पर आतिशबाजी के दौरान 83 लोग झुलस गए। जबकि, सड़क दुर्घटनाओं में 20 से अधिक लोग घायल हुए। इतना ही नहीं आतिशबाजी को लेकर हुई कहासुनी और मारपीट में भी 18 लोग घायल हो गए। वहीं, कुत्तों ने चार लोगों को काट लिया।
दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान घायल हुए 53 लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया, जिनमें कई बच्चे शामिल थे। डॉ. टम्टा ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान घायल लोगों का देर रात तक अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। दूसरी ओर दून अस्पताल के अलावा कोरोनेशन व शताब्दी अस्पताल में भी घायलों का इलाज किया गया। सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में 30 घायलों का इलाज किया गया।