उत्तराखंड की सीमाओं पर मजबूत होगी वायुसेना की निगहबानी, एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाने की तैयारी
- मुख्यमंत्री और एयर मार्शल राजेश कुमार के बीच हुई बैठक में फैसला
विस्तार
सीमा पर चीन के बढ़ते दखल के बीच सीमांत राज्य उत्तराखंड की सीमाओं पर वायुसेना की निगहबानी और गतिविधियों को मजबूत और तेज किया जाएगा। वायुसेना सीमांत जिले उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में एयर डिफेंस राडार और एडवांस लैंडिंग ग्राउंड तैयार करेगा। इसके लिए उत्तराखंड सरकार वायुसेना को भूमि उपलब्ध कराएगी।
वायुसेना की सामरिक तैयारियों की मध्य वायु कमान के एयर आफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से शुक्रवार को उनके आवास पर मुलाकात की। जिसमें मुख्यमंत्री की मौजूदगी में वायुसेना और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच गहन मंथन हुआ।
एयर मार्शल ने मुख्यमंत्री से पंतनगर, जौलीग्रांट तथा पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विस्तार के साथ ही चौखुटिया में एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि देश के उत्तर पूर्व क्षेत्र की तरह उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़ तथा उत्तरकाशी में राडार की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता होने से सुविधा रहेगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उत्तराखंड जैसे सीमांत क्षेत्र में उपयुक्त स्थलों पर राडार एवं एयर स्ट्रिप की सुविधा जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने भूमि की उपलब्धता के लिए वायुसेना व शासन के नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। ये अधिकारी संयुक्त रूप से आवश्यकतानुसार भूमि चिन्हीकरण करके त्वरित कार्रवाई करेंगे।
सचिव राजस्व सुशील कुमार ने बताया कि जनपद अल्मोड़ा के ग्राम भैंसौली में एयर डिफेंस राडार स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की गई है। अन्य स्थानों पर स्थान चयन के बाद भूमि उपलब्धता की कार्रवाई तेजी की जाएगी। बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर, विशेष सचिव मुख्यमंत्री पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव नागरिक उड्डयन आशीष चौहान, अपर सचिव प्रदीप रावत, एयर कमोडोर एसके मिश्रा, विंग कमांडर डीएस जग्गी आदि उपस्थित रहे।
उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है। सेना को सम्मान देना यहां के निवासियों की परंपरा है। सैन्य गतिविधियों के लिए भूमि की उपलब्धता के लिए राज्य वासियों का सदैव सहयोगात्मक रवैया रहा है। पंत नगर एयरपोर्ट को ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट तथा जौलीग्रांट को अंतर राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त बनाया जा रहा है। भूमि की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री।