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ऋषिकेश: लक्ष्मणझूला पुल पर आवाजाही बंद होने के बाद अब रामझूला पुल भी हुआ खतरनाक

Wed, 24 Jul 2019 08:40 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 24 Jul 2019 08:40 AM IST
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After shutdown of the Lakshmanjula bridge now Ramjhula bridge dangerous
रामझूला पुल पर इस तरह लग रही भीड़ - फोटो : अमर उजाला

ऋषिकेश में स्थित विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मणझूला पुल पर आवाजाही पूर्ण तौर पर बंद होने के बाद अब रामझूला पुल पर भी अधिक आवाजाही खतरनाक बताई गई है। लोक निर्माण विभाग ने शासन को रिपोर्ट भेजकर पुल पर तत्काल दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।

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इसके साथ ही सीमित संख्या में ही पैदल यात्रियों के आवागमन कराने को कहा है। तीर्थनगरी में एक के बाद एक झूला पुलों की हालत जर्जर घोषित की जा रही है। ये सिफारिशें तब हो रही हैं जब कांवड़ यात्रा अपने उफान पर है और झूला पुल आवागमन के लिए सबसे मुफीद साबित होते हैं। 

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1000 पर्यटक प्रतिदिन यहां आते हैं

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक झूला पुल की स्थिति को देखते हुए सीमित संख्या में आवागमन की छूट देने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 1985 में तैयार किए गए रामझूला पुल को उस समय की आवाजाही के हिसाब से बनाया गया था। अब स्थितियां बदल गई हैं।

1000 पर्यटक प्रतिदिन यहां आते हैं, जिससे पुल की स्थिति खतरनाक हो गई है। प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा में पुल पर दबाव और बढ़ जाता है, जबकि स्थानीय लोग भी इस पुल से आवाजाही करते हैं।

मुख्यमार्ग के रूप में इस्तेमाल की अनुमति कभी नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक झूला पुलों का निर्माण गंगा नदी को पार करने के लिए वैकल्पिक साधन के रूप में हुआ था। इसे मुख्यमार्ग के रूप में इस्तेमाल की अनुमति कभी नहीं दी गई। सिफारिश में कहा गया है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर यात्रियों के हुजूम को नियंत्रित कर आवागमन में सावधानी बरती जाए।

ऐसा न करने पर हादसों से इनकार नहीं किया जा सकता। वर्ष 2013 में भी नैनीताल हाईकोर्ट ने रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद करने के आदेश दिए थे। उक्त आदेश भी अमल में पूरी तरह नहीं आ पाए।

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एक सीमा तक ही बोझ झेल पाएगा राम झूला  

सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि रामझूला पुल पर रोजाना कम से कम एक हजार यात्री एक बार में सवार होते हैं। पुल पर लोगों का यह दबाव खतरनाक है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि बेहद सीमित संख्या में ही पुल से लोगों के आवाजाही की अनुमति दी जाए।

इसके अलावा वाहनों का आवागमन तत्काल बंद हो। वर्तमान में स्थानीय लोगों की सहूलियत हो देखते हुए पुल पर केवल आवश्यकतानुसार आवाजाही संभव है। सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि 220 मीटर लंबे रामझूला पुल का निर्माण वाहनों की आवाजाही के मद्देनजर नहीं किया गया है।

कम हो गई है रामझूला पुल की वहन क्षमता

रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही नहीं की जानी चाहिए। पूर्व की क्षमता के अनुसार वर्तमान में रामझूला पुल की वहन क्षमता कम हो गई है। करीब 500 किलो ग्राम प्रति स्क्वायर मीटर की क्षमता वाला रामझूला पुल वर्तमान में कवल 350 किलाग्राम प्रति स्कवायर मीटर का भार झेल सकता है। दोनों ओर से पुल का जीर्णोद्घार किया जाना जरूरी है। - पीके चमोली, डिजाईनर, लोक निर्माण विभाग देहरादून

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