स्वाइन फ्लू: दवा ही नहीं मास्क की भी बढ़ी मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वाइन फ्लू के प्रकोप को देखते हुए लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है जिसके चलते शहर मास्क की मांग बढ़ गई है। मेडिकल स्टोर्स ने भी मास्क का स्टॉक बढ़ा लिया है।
पूरे देश में स्वाइन फ्लू फैल रहा है। रुड़की में भी पांच-छह मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत भी हो चुकी है। इन सब बातों देखते हुए लोगों ने स्वाइन फ्लू के प्रति सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
शहर के मेडिकल स्टोर्स पर मास्क की मांग बढ़ गई है। तमाम ऐसे लोग हैं जो मास्क लगाकर घर से बाहर निकल रहे हैं। मास्क की बढ़ती मांग को देखते हुए मेडिकल स्टोर्स ने मास्क का स्टॉक बढ़ा दिया है।
सिविल लाइंस स्थित एक मेडिकल स्टोर्स के स्वामी अशोक गोठी ने बताया कि जब से स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा है, तब से मास्क की मांग काफी बढ़ गई है। बताया कि प्रतिदिन 40 से 50 मास्क बिक रहे हैं।
10 से 60 रुपये तक के मास्क बाजार में
आम दिनों में मास्क की बिक्री न के बराबर रहती है। जो लोग लीवर, किडनी आदि की बीमारियों से पीड़ित हैं, वह ही अक्सर मास्क लगाए नजर आते हैं। जब से स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा है। तब से स्वस्थ लोग भी मास्क लगाकर रहे हैं। मेडिकल स्टोर्स पर 10 रुपये से लेकर 60 रुपये तक का मास्क उपलब्ध हैं।
एक बार ही हो सकता है इस्तेमाल
मेडिकल मास्क स्वाइन फ्लू आदि संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए एक बेहतर उपाय है। सिविल अस्पताल के डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि मास्क लगाने के बाद इंफेक्शन का खतरा नहीं रह जाता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मास्क को केवल एक ही बार इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि मास्क लगाया है और उसे उतार दिया, तो उसे दोबारा नहीं लगाना चाहिए।
स्कूल में बच्चे लगाकर आ रहे मास्क
स्वाइन फ्लू भीड़ आदि में ज्यादा फैलता है। इन बातों को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चों को लेकर बेहद चिंतित हैं। क्योंकि स्कूलों में बच्चे एक साथ पढ़ते और खेलते-कूदते हैं। तमाम ऐसे अभिभावक हैं जो अपने बच्चों को मास्क लगाकर स्कूल भेज रहे हैं।