{"_id":"62fe9aad011a1a0700666e23","slug":"african-swine-fever-preparations-to-provide-financial-help-to-affected-on-death-of-pigs-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"African Swine Fever: उत्तराखंड में सुअरों की मौत पर प्रभावितों को आर्थिक मदद देने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
African Swine Fever: उत्तराखंड में सुअरों की मौत पर प्रभावितों को आर्थिक मदद देने की तैयारी
Fri, 19 Aug 2022 01:35 AM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 19 Aug 2022 01:35 AM IST
सार
उत्तराखंड के पौड़ी, देहरादून, नैनीताल जिले में स्वाइन फीवर फैला, जिसकी चपेट में आने से अब तक 715 सूअर की मौत हो चुकी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 53 सूअरों को मारा गया।
विज्ञापन
रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कारण हुई सुअरों की मौत के मामले में प्रभावितों को सरकार की ओर से मुआवजा देने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने प्रति सुअर मुआवजा देने के लिए धनराशि का भी निर्धारण किया है।
विज्ञापन
उत्तराखंड के पौड़ी, देहरादून, नैनीताल जिले में स्वाइन फीवर फैला, जिसकी चपेट में आने से अब तक 715 सूअर की मौत हो चुकी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 53 सूअरों को मारा गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पशुधन बीमा योजना के तहत सुअरों का भी बीमा करने की व्यवस्था है। हालांकि अधिकांश सुअर पालक बीमा नहीं कराते हैं। स्वाइन फीवर सुअरों में ही फैलती है। इस बीमारी की चपेट में आने वाले सुअर का इलाज भी संभव नहीं है। बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कई जीवित सुअरों को मारा गया।
विज्ञापन
Uttarakhand Corona Update: 175 नए कोरोना संक्रमित मिले, एक मरीज की मौत, 131 हुए ठीक
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने स्वाइन फीवर के कारण प्रभावित क्षेत्रों में मारे गए सुअरों का मुआवजा तय किया है। प्रदेश सरकार भी केंद्र की गाइड लाइन के आधार पर प्रभावित सुअर पालकों को मुआवजा राशि देगी। इसके लिए मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के माध्यम से मारे गए सुअरों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा का कहना है कि स्वाइन फीवर से सुअरों की मौत से गरीब तबके के लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है। विभाग बीमारी से हुई मौत पर सुअर पालकों को आर्थिक मदद देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। स्वाइन फीवर की रोकथाम के लिए जिन जीवित सुअरों को मारा गया है, उन्हें केंद्र के दिशा निर्देशों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
केंद्र की ओर से तय मुआवजा राशि
सुअर का वजन मुआवजा राशि
15 किलो. तक 2200
15 से 40 किलो 5800
40 से 70 किलो 8400
70 से 100 किलो 12000