उत्तराखंड: वनीकरण और गांवों में सड़क पहुंचाने की रिपोर्ट कमजोर, मंत्रालय की रिपोर्ट से ये खुलासे भी हुए
अप्रैल से जून माह की अवधि में राज्य को 8663 हेक्टेयर भूमि पर वनीकरण करना था। लेकिन राज्य सिर्फ 23 हेक्टेयर पर ही वनीकरण कर पाया। इसी तरह सार्वजनिक व वन भूमि पर पौधारोपण की प्रगति भी सात फीसदी रही। कार्यक्रम के तहत गांवों तक सड़क पहुंचाने के मामले में भी उत्तराखंड का प्रदर्शन खराब है।
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20 सूत्री कार्यक्रम के मोर्चे पर उत्तराखंड का प्रदर्शन वनीकरण और गांवों की सड़क पहुंचाने के मामले को छोड़कर शानदार है। सांख्यिकी कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। अप्रैल से जून महीने के मध्य निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति के आधार पर तैयार रिपोर्ट में राज्य ने ग्रामीण आवास, विद्युतीकरण और राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़े कार्यक्रमों में प्रगति 100 फीसदी से भी अधिक रही है।
पिछड़े और निर्धन लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से 2006 में 20 सूत्रीय कार्यक्रम नई पुनर्संरचना के साथ लागू हुआ। कार्यक्रम के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को लक्ष्य दिए गए। सांख्यिकी कार्यालय की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 2022-23 में उत्तराखंड में 34650 हेक्टेयर भूमि पर वनीकरण करने का लक्ष्य है।
लक्ष्य सापेक्ष अप्रैल से जून माह की अवधि में राज्य को 8663 हेक्टेयर भूमि पर वनीकरण करना था। लेकिन राज्य सिर्फ 23 हेक्टेयर पर ही वनीकरण कर पाया। इसी तरह सार्वजनिक व वन भूमि पर पौधारोपण की प्रगति भी सात फीसदी रही। कार्यक्रम के तहत गांवों तक सड़क पहुंचाने के मामले में भी उत्तराखंड का प्रदर्शन खराब है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1487 किमी सड़क निर्माण के सालाना लक्ष्य के सापेक्ष राज्य को अप्रैल से जून 2022 तक 372 किमी सड़कें बनानी थी, लेकिन 71 सड़कों का ही निर्माण हो सका। इस तरह इस मोर्चे पर राज्य की प्रगति 19 फीसदी ही रही। इस अवधि में शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से निम्न आय वर्ग को घर देने के मामले में प्रगति भी शून्य आंकी गई है।
इन क्षेत्रों में रहा शानदार प्रदर्शन
- राष्ट्रीय आजीविकास मिशन में अप्रैल 22 से जून तक 747 स्वयं सहायता समूहों को प्रमोट करने का लक्ष्य था, 2983 को प्रमोट किया गया। 400 प्रतिशत प्रगति रही। 640 समूहों के सापेक्ष 1231 को रिवोल्विंग फंड में मदद की गई।
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2344 आवास बनाने का लक्ष्य था, 6374 आवास बनें और प्रगति 272 प्रतिशत रही।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल, बीपीएल और अंतोदय परिवारों को खाद्यान्न वितरण की प्रगति 114 प्रतिशत रही।
- दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों में विद्युतीकरण की प्रगति 284 प्रतिशत रहा।
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