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नारी निकेतनः यहां सच बोलने की सजा है नौकरी से छुट्टी

Tue, 31 May 2016 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 31 May 2016 09:56 AM IST
सार

  • नारी निकेतन की बताई थी हकीकत, दोषियों को दिया जा रहा आधा वेतन
  • एसआईटी से क्लीन चिट मिलने के बाद भी शांति को नहीं किया बहाल
  • मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने नहीं सुनी बात 

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administration fired to shanti from nari niketan job.
शांति - फोटो : अमरउजाला

विस्तार

‘सच का बोलबाला, झूठे का मुंह काला’ इस कहावत को नारी निकेतन प्रबंधन ने उल्टा कर दिया है। तभी तो मामले की पूरी हकीकत बयां करने वाली और एसआइटी को जांच में सहयोग करने वाली महिला को नारी निकेतन प्रबंधन ने नौकरी से ही निकाल दिया है।

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शांति की पीड़ा यह है कि जो नारी निकेतन प्रकरण में दोषी पाए गए उन्हें तो आधे महीने की सेलरी दी जा रही है पर उसे अब तक बहाल नहीं किया गया है जबकि एसआईटी ने शांति को क्लीन चिट दी थी।
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शांति ने सीएम के सामने जब अपनी पीड़ा बयां की तो उन्होंने इस बाबत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे पर हुआ कुछ नहीं। थक हारकर शांति ने अमर उजाला कार्यालय पहुंचकर संवाददाता नलिनी गुसाईं से अपना दर्द साझा किया।
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शांति ने बताया कि 15 नवंबर की रात मानसिक विक्षिप्त संवासिनी का गर्भपात कराया गया। उसे नारी निकेतन में रहने वाली दूसरी संवासिनियों के हाथों ही गर्भपात की दवाई दिलाई गई। दूसरी संवासिनियां या शांति इसलिए नहीं समझ पाए क्योंकि वहां रहने वाले मानसिक विक्षिप्त संवासिनियों को अक्सर नींद की दवा दी जाती है।

अधिकारियों को दी थी पूरी जानकारी

administration fired to shanti from nari niketan job.
नारी निकेतन देहरादून - फोटो : फाइल फोटो

शांति ने बताया कि उस दिन रात में उसकी ड्यूटी थी। जैसे ही दवा के दर्द से संवासिनी चिल्लाई तो वह उसके पास गई, तब तक उसका गर्भपात हो चुका था। शांति ने तुरंत प्रभारी अधीक्षिका अनीता मैंदोला को फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद अधीक्षिका मीनाक्षी पोखरियाल, समा निगार, चंद्रकला क्षेत्री, किरन, अनीता मैंदोला सभी वहां पहुंच गए।

आधी रात को संवासिनी को अस्पताल ले गए और तुरंत ले भी आए। शांति ने बताया कि मेरे सामने जो भी हुआ, मैंने उसकी जानकारी भी प्रभारी अधीक्षिका को दी। मुझे बाकी स्टाफ ने समझाया कि यह बात बाहर न जाए।

शांति ने 18 नवंबर को इसकी जानकारी प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट को भी दे दी। 25 नवंबर को शांति की शादी थी तो वह 20 नवंबर तक ड्यूटी करने के बाद 21 से छुट्टी चली गई थी। शांति ने बताया कि इस बीच जानकारी मिली कि उन्हें 28 नवंबर को बर्खास्त कर दिया गया। तब वह अधिकारियों की यह बात सुनकर चुप रही कि पूरा स्टाफ हटाया गया है।

एसआईटी से मिली क्लीन चिट, पर नहीं हुई बहाल

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पांच महीने पर क्लीन चिट मिल चुकी है। - फोटो : demo pics

पांच महीने पहले एसआईटी से क्लीन चिट मिलने के बाद भी उसे नौकरी पर बहाल नहीं किया गया। शांति का कहना है कि जब दोषी लोगों को अब तक नौकरी से नहीं निकाला गया है तो उसके साथ ऐसा क्यों किया गया? शांति ने कहा कि उनकी मां उन्हीं पर निर्भर है, पति दिल्ली में नौकरी करते थे जो अब शांति की वजह से दून आ गए हैं। 

इनका है कहना
शांति से दो-तीन बार बात हो चुकी है। उसको पुन: रखा जाएगा। नारी निकेतन में संभव नहीं होगा तो फिर विभाग के अन्य पदों पर कहीं तैनाती दी जाएगी। अभी कुछ समय लगेगा लेकिन शांति की बात अवश्य सुनी जाएगी। 
-विष्णु कुमार धनिक, निदेशक समाज कल्याण विभाग

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