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Dehradun: झाझरा सब स्टेशन के सुरक्षा उपकरणों के नहीं चलने से हुआ था हादसा, पीजीसीआईएल की जांच में खुलासा

Mon, 23 Oct 2023 02:11 PM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 23 Oct 2023 02:11 PM IST
सार

19 जुलाई को पिटकुल के झाझरा स्थित सब स्टेशन में अचानक फॉल्ट आने से करीब तीन मिनट तक आग लगी थी। मामले में सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने पावरग्रिड को जांच सौंपी थी। पावरग्रिड विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि झाझरा सब स्टेशन में सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं तो उपलब्ध थीं लेकिन फॉल्ट के वक्त उन्होंने काम ही नहीं किया।

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Accident occurred due to non-operation of safety equipment of Jhajhra sub station Dehradun Uttarakhand news
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड(पिटकुल) के झाझरा स्थित 220 केवी सब स्टेशन में फॉल्ट के वक्त सुरक्षा उपकरणों ने काम नहीं किया। इससे भारी नुकसान हुआ। पावर ग्रिड(पीजीसीआईएल) की जांच रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है।

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पावर ग्रिड ने सब स्टेशन मेंटिनेंस, इंजीनियरिंग स्कीम में सुधार, निगरानी तंत्र व कैपेसिटी बिल्डिंग संबंधी सुझाव भी दिए हैं। 19 जुलाई को पिटकुल के झाझरा स्थित सब स्टेशन में अचानक फॉल्ट आने से करीब तीन मिनट तक आग लगी थी। सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र समेत आसपास के प्रेमनगर, गणेशपुर, बिधौली, पौंधा, रामपुर, शिमला बाईपास, सुद्धोवाला, झाझरा, सेलाकुई में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। मामले में सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने पावरग्रिड को जांच सौंपी थी।
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पावरग्रिड विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि झाझरा सब स्टेशन में सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं तो उपलब्ध थीं लेकिन फॉल्ट के वक्त उन्होंने काम ही नहीं किया। फॉल्ट आने के बाद जो लाइन चंद सेकेंड में ट्रिप होनी चाहिए थी, वह तीन मिनट के बाद ट्रिप हुई थी।

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जांच में ये तथ्य आए सामने

-सेलाकुई लाइन में एक साल में 141 बार फॉल्ट आए। इससे वैक्यूम सर्किट ब्रेकर(वीसीबी) फेल हो सकता था।

-फॉल्ट के दौरान बैटरी बैंक ने प्रोटेक्शन सिस्टम को डीसी सप्लाई नहीं दी। ये सिद्ध हुआ कि दोनों बैटरी बैंक डिफेक्टिव कंडीशन में थे।

-सब स्टेशन में स्काडा का सिस्टम प्रॉपर काम नहीं कर रहा था। इसमें फॉल्ट या लाइन की खराबी का कोई रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं मिला।

-वीएमएस स्काडा और रिले डाटा का रखरखाव भी नहीं किया गया था। डीसी चार्जर, डीसी अर्थ फॉल्ट, डीसी सुपरविजन और अन्य क्रिटिकल अलार्म की रिपोर्टिंग भी स्काडा में नहीं पाई गई।

-33 केवी सिस्टम में चंद्र सेकेंड के जाए तीन मिनट तक शॉर्ट सर्किट रहा, जिससे बड़ा नुकसान हुआ। चार सर्किट ब्रेकर, पोस्ट इंसूलेटर, सीटी आदि उपकरण फूंक गए।

-सब स्टेशन में रखा डीजल जनरेटर वैसे तो ठीक था लेकिन ऑटो के बजाए मैन्युअल मोड में काम कर रहा था।

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पीजीसीआईएल के सुझाव की कार्ययोजना बनाएगा पिटकुल

पावर ग्रिड ने सब स्टेशन के रखरखाव व सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए जो सुझाव दिए हैं, उस पर शासन ने पिटकुल को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी ने चीफ इंजीनियर गढ़वाल को पत्र भेजकर पावरग्रिड के सुझावों के तहत कार्ययोजना बनाने को कहा है। यह कार्ययोजना सात नवंबर को सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम की बैठक में पेश की जाएगी।

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