फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   aboriginal tough for narendra modi in gujarat

...तो गुजरात में मोदी को 'परेशान' करेंगे आदिवासी

Fri, 04 Apr 2014 03:24 PM IST
विजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, अहमदाबाद
विजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, अहमदाबाद Updated Fri, 04 Apr 2014 03:24 PM IST
विज्ञापन
aboriginal tough for narendra modi in gujarat

यूं तो पूरा गुजरात मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने को उतावला बताया जा रहा है लेकिन हालात इतने भी हलुआ नहीं हैं।

विज्ञापन


पढ़ें, पिन के चक्कर में झुग्गी बस्ती के लोगों से पिट गए नेताजी

राज्य की 26 में से करीब 10 सीटों पर कांग्रेस अपने को फाइट में देख रही है। गुजरात के 60 फीसदी से ज्यादा हिस्से का शहरीकरण हो चुका है।

पढ़ें, फौजियों पर कांग्रेस का जोर, भाजपा तलाश रही तोड़
विज्ञापन


यहां विकास की कुछ हद तक दस्तक भी हो चुकी है, लेकिन बाकी हिस्से आदिवासी बहुल और ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां कांग्रेस का पारंपरिक आधार आज भी बचा है और मोदी का विकासवादी मॉडल नहीं पहुंचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नौ जिलों में चमक-दमक बाकी के गुजरात जैसी नहीं

aboriginal tough for narendra modi in gujarat

गुजरात की पूर्वी आदिवासी पट्टी के नौ जिलों में चमक दमक बाकी गुजरात जैसी नहीं है। यहां किसानों की हालत बाकी हिस्से के लोगों से मेल नहीं खाती है।

पढ़ें, राजनीतिक दलों ने पार की अश्लीलता की हद

इस क्षेत्र के बनासकांठा, साबरकांठा, छोटा उदयपुर, बारदोली, भरूच, वलसाड आदि संसदीय सीटों पर कांग्रेस अपनी हालत बेहतर मानकर चल रही है।

कांग्रेस के पारंपरिक आधार में सेंधमारी का भाजपा ने अचूक फार्मूला यह निकाला है कि यहां के मजबूत आधार वाले कांग्रेसी नेताओं को तोड़कर उन्हें भाजपा का टिकट थमा दिया है।

पढ़ें, डाक विभाग ने ‘बैलगाड़ी’ से भेजी पोस्ट

बारदोली में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री अमर सिंह चौधरी के बेटे व केंद्रीय मंत्री तुषार चौधरी के मुकाबले कांग्रेस से तोड़कर लाए गए प्रभुभाई वासवा को भाजपा ने उतार दिया है।

कांग्रेस तोड़ चुकी भाजपा के छह विधायक

aboriginal tough for narendra modi in gujarat

पिछले सवा साल में भाजपा कांग्रेस के छह विधायक तोड़ चुकी है। कांग्रेस जिन सीटों पर जीत को लेकर मुतमईन है, उनमें साबरकांठा सबसे ऊपर है।

यहां से उसके धुरंधर और धाकड़ क्षत्रिय नेता शंकर सिंह वाघेला मैदान में उतरे हैं। उनके मुकाबले दीप सिंह चौहान हैं। वाघेला का यहां की प्रभावशाली क्षत्रिय जाति पर अच्छा खासा असर है।

पढ़ें, देहरादून में सेना ने 'रोके' हजारों लोगों के रास्ते

राज्य में एकमात्र साबरकांठा ऐसी सीट है जहां वाघेला कई हफ्ते पहले ही सक्रिय हो गए थे। उनके हौसले इस बात से भी बुलंद हैं कि इस संसदीय सीट के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का कब्जा है।

इसका इस चुनाव में उन्हें फायदा मिल सकता है। वाघेला पिछली बार पंचमहल सीट से हारे थे, लिहाजा इस बार वे अपनी जाति पर भरोसा जताते हुए साबरकांठा आ गए हैं।

इस सीट पर होगी मोदी की अग्नि परीक्षा

aboriginal tough for narendra modi in gujarat

मोदी लहर की सबसे अहम परीक्षा है मेहसाणा सीट। ये वही मेहसाणा है जिसने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उपजी सहानुभूति लहर के बावजूद 1984 में जब भाजपा ने देश भर में महज दो सीटें जीती थीं, उनमें से एक मेहसाणा थी।

पढ़ें, पिन के चक्कर में झुग्गी बस्ती के लोगों से पिट गए नेताजी

तब से आज तक भाजपा यहां कभी नहीं हारी लेकिन इस बार भाजपा ने जिन जयश्री बेन को यहां रिपीट किया है उनके खिलाफ नाराजगी यहां कांग्रेस के जीवाभाई पटेल उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं।

उनके साथ प्लस प्वाइंट ये है कि वे यहां के मजबूत पटेल वोट बैंक के हिसाब से पैदाइशी पटेल हैं तो जयश्री शादी के बाद पटेल बनीं।

इनको टिकट देने पर उठ रहे सवाल

aboriginal tough for narendra modi in gujarat

इसके अलावा राजकोट, भावनगर, वलसाड आर बनासकांठा में भी भाजपा आंतरिक गुटबाजी का शिकार है। पाटन में 80 साल के लीलाधर ठाकुर को भाजपा का टिकट देने पर सवाल उठ रहे हैं।

पढ़ें, फौजियों पर कांग्रेस का जोर, भाजपा तलाश रही तोड़

यहां कांग्रेस के प्रत्याशी भाउसिंह राठौड़ बाहुबली होने के साथ ही छलबल के हर खेल में माहिर होने से वोटर उनकी तरफ आकर्षित हो सकते हैं। इसी तरह आणंद में कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह सोलंकी भाजपा के दिलीप पटेल को चुनौती दे रहे हैं।

खेड़ा में दिनशा पटेल भाजपा के देवू सिंह चौहान, दाहोद में डॉ. प्रभा तायवाड़ भाजपा के जसवंत सिंह भाभोर, वलसाड में किशन पटेल भाजपा के डॉ. केसी पटेल को टक्कर दे रहे हैं।

कुछ ऐसे रहे चुनाव नतीजे

aboriginal tough for narendra modi in gujarat

चुनाव नतीजे (विधानसभा)

  • वर्ष 2007182 में से भाजपा को 111
  • वर्ष 2012182 में से भाजपा को 115
चुनाव नतीजे (लोकसभा)
  • वर्ष 2004भाजपा-14 कांग्रेस-12
  • वर्ष 2009भाजपा-15 कांग्रेस-11
विधानसभा जैसा लोकसभा चुनाव नहीं
  • दिसंबर 12 में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजों पर लोकसभा सीटों को तौलें तो भाजपा के खाते में 20 सीटें जाती हैं, लेकिन तथ्य यह है कि गुजरात में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के नतीजों का आपस में मेल नहीं बैठता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed