फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   A new controversy has emerged regarding the registration

Dehradun News: पीएसीएल से जुड़ी भूमि की रजिस्ट्री पर नया विवाद

Tue, 24 Feb 2026 02:16 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
A new controversy has emerged regarding the registration
Iउप निबंधक की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्जI
विज्ञापन




आमवाला तरला क्षेत्र में पीएसीएल की भूमि की रजिस्ट्री के मामले में नया विवाद सामने आया है। उप निबंधक तृतीय रिया वर्मा की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।



रिया वर्मा की ओर से पुलिस को बताया गया कि खराती लाल कुकड़ ने जिलाधिकारी को एक शिकायत भेजी थी। इसमें विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 के पंजीकरण पर आपत्ति जताई गई थी। जिलाधिकारी ने पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद उप निबंधक कार्यालय ने 16 फरवरी को अपनी आख्या प्रस्तुत की। जांच में सामने आया कि पंजीकरण के समय क्रेता और विक्रेता की ओर से यह नहीं बताया गया था कि संबंधित संपत्ति पीएसीएल से जुड़ी है। दस्तावेजों में भी इसका कोई उल्लेख नहीं था। इसलिए जमीन का विधिवत पंजीकरण कर दिया गया। पंजीकरण के समय सभी पक्षकार कार्यालय में उपस्थित थे और उन्होंने संपत्ति को विवाद रहित बताते हुए रजिस्ट्री कराई थी। साथ ही सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क भी जमा किया था।
विज्ञापन


बाद में एक और शिकायतकर्ता अंकित ने लिखित शिकायत देकर बताया कि आमवाला तरला की जिस भूमि की रजिस्ट्री की गई है, उस पर आरएम लोढ़ा समिति और उच्च न्यायालय की ओर से पीएसीएल प्रकरण में रोक लगी है। इसके बाद उप निबंधक कार्यालय ने तहसीलदार (सदर) देहरादून को पत्र भेजकर उक्त खसरों की जांच करने और दाखिल-खारिज निरस्त करने का अनुरोध किया। अधिकारियों का कहना है कि पक्षकारों ने सही जानकारी छिपाकर नियमों के विपरीत पंजीकरण कराया है। इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर कोतवाली प्रभारी हरिओम राज चौहान ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन




बता दें कि पीजीएफ और पीएसीएल की कुछ संपत्तियां विवादित थीं। ऐसे में वर्ष 2015 में सीबीआई की जांच के बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर देशभर में पीजीएफ की 348 और पीएसीएल की 14000 संपत्तियों को सील कर दिया गया। देहरादून के विभिन्न इलाकों में भी पीजीएफ और पीएसीएल की सील संपत्तियां हैं। देहरादून में भाऊवाला, धोरणखास, तरला आमवाला, बड़ोवाला व मसूरी में सील संपत्तियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed