{"_id":"65f2020977099126250fa7d4","slug":"a-controversy-broke-out-after-seeing-an-advocate-taking-dehradun-news-c-5-1-drn1030-370599-2024-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: दिल्ली के अधिवक्ता के कोर्ट से पेपर निकालने पर हुआ विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: दिल्ली के अधिवक्ता के कोर्ट से पेपर निकालने पर हुआ विवाद
विज्ञापन
Iअपर जिला जज षष्टम की कोर्ट का मामला, अधिवक्ता को कोर्टरूम में बैठाया
I
I
I
Iस्थानीय बार एसोसिएशन ने पहचानने से किया इन्कार, कोर्ट पर छोड़ा निर्णयI
न्यायालय कक्ष से बिना अनुमति फाइल से कागजात निकाल रहे एक अधिवक्ता को देखकर वहां विवाद की स्थिति बन गई। न्यायालय ने ऐसा करने का कारण पूछा तो अधिवक्ता ने रौब गालिब किया। ऐसी स्थिति में स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया गया तो उन्होंने अधिवक्ता पहचानने से इन्कार कर दिया। पदाधिकारियों ने कार्रवाई का निर्णय कोर्ट पर छोड़ दिया। इसके बाद कोर्ट ने अधिवक्ता को कक्ष में ही बैठा लिया। अधिवक्ता दिल्ली द्वारिका के एक कोर्ट ने प्रैक्टिस करता है।
मामला अपर जिला जज षष्टम की कोर्ट का है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू ने बताया कि कोर्ट में रोज की तरह कामकाज चल रहा था। इस दौरान अधिवक्ता की यूनिफार्म में एक व्यक्ति कोर्ट रूम में पहुंचा था। यहां उसने एक फाइल देखी और उसमें से एक कागज निकालने लगा। जबकि, उसने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी। न्यायाधीश विक्रम सिंह ने अधिवक्ता की हरकत देखकर उसे रोक लिया। लेकिन, अधिवक्ता न्यायाधीश पर ही रौब गालिब करने लगा।
अध्यक्ष ने बताया कि न्यायाधीश के कहने पर वह खुद और सचिव राजबीर सिंह बिष्ट मौके पर पहुंच गए। वहां देखा तो अधिवक्ता बार एसोसिएशन देहरादून से जुड़ा हुआ नहीं था। इसके बाद उन्होंने उसका पहचानपत्र देखा तो पता चला कि अधिवक्ता दिल्ली द्वारिका की एक कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। इसके बाद अध्यक्ष और सचिव दोनों कोर्ट से यह कहकर वापस आए कि वह खुद ही अधिवक्ता पर कार्रवाई करें। अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ता की संबंधित बार एसोसिएशन को उनके इस कृत्य के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
I
I
I
Iस्थानीय बार एसोसिएशन ने पहचानने से किया इन्कार, कोर्ट पर छोड़ा निर्णयI
न्यायालय कक्ष से बिना अनुमति फाइल से कागजात निकाल रहे एक अधिवक्ता को देखकर वहां विवाद की स्थिति बन गई। न्यायालय ने ऐसा करने का कारण पूछा तो अधिवक्ता ने रौब गालिब किया। ऐसी स्थिति में स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया गया तो उन्होंने अधिवक्ता पहचानने से इन्कार कर दिया। पदाधिकारियों ने कार्रवाई का निर्णय कोर्ट पर छोड़ दिया। इसके बाद कोर्ट ने अधिवक्ता को कक्ष में ही बैठा लिया। अधिवक्ता दिल्ली द्वारिका के एक कोर्ट ने प्रैक्टिस करता है।
मामला अपर जिला जज षष्टम की कोर्ट का है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू ने बताया कि कोर्ट में रोज की तरह कामकाज चल रहा था। इस दौरान अधिवक्ता की यूनिफार्म में एक व्यक्ति कोर्ट रूम में पहुंचा था। यहां उसने एक फाइल देखी और उसमें से एक कागज निकालने लगा। जबकि, उसने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी। न्यायाधीश विक्रम सिंह ने अधिवक्ता की हरकत देखकर उसे रोक लिया। लेकिन, अधिवक्ता न्यायाधीश पर ही रौब गालिब करने लगा।
विज्ञापन
अध्यक्ष ने बताया कि न्यायाधीश के कहने पर वह खुद और सचिव राजबीर सिंह बिष्ट मौके पर पहुंच गए। वहां देखा तो अधिवक्ता बार एसोसिएशन देहरादून से जुड़ा हुआ नहीं था। इसके बाद उन्होंने उसका पहचानपत्र देखा तो पता चला कि अधिवक्ता दिल्ली द्वारिका की एक कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। इसके बाद अध्यक्ष और सचिव दोनों कोर्ट से यह कहकर वापस आए कि वह खुद ही अधिवक्ता पर कार्रवाई करें। अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ता की संबंधित बार एसोसिएशन को उनके इस कृत्य के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन