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फरवरी और मार्च में करा लें अवैध निर्माण को वैध
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
यदि आपने अपने घर या किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण बिना नक्शा व लेआउट पास कराए किया तो इसको वैध कराने के लिए दो महीने का वक्त है। शासन ने नई कंपाउंडिंग उपविधि नियमावली लागू कर दी है। यह नियमावली एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। इसके बाद अवैध निर्माण को कंपाउंड कराना न सिर्फ मुश्किल बल्कि महंगा भी हो जाएगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में नई उपविधि नियमावली को हरी झंडी दे दी गई है।
बोर्ड अध्यक्ष एवं कमिश्नर गढ़वाल शैलेश बगोली की अध्यक्षता में देहरादून में हुई बैठक में इसका अनुमोदन किया गया है। एचआरडीए सचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन ने अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए वन टाइम सेटलमेंट का अवसर दिया है। जिसके लिए दो महीने का समय है और लोग इसका फायदा उठा सकते हैं। फरवरी और मार्च में भवन स्वामी अपने अवैध निर्माण को कंपाउंड करा सकते हैं। शासन ने वन टाइम सेटलमेंट के नियमों में शिथिलता प्रदान की है। जिसके अंतर्गत आवासीय कालोनियों में भूउपयोग में नर्सिंग होम और दुकान है तो उसको भी कंपाउंड कराया जा सकता है। अब एक अप्रैल से जो नई शमन उपविधि लागू होने वाली वह पहले से काफी सख्त है। एक अप्रैल के बाद नए बढ़े हुए सर्किल रेट से शमन शुल्क देने के साथ सेटबैक और पार्किंग देना अनिवार्य कर दिया गया है।
139 करोड़ का बजट भी किया अनुमोदित
हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की 66वीं बोर्ड बैठक ने चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्तुत 139 करोड़ के बजट को अनुमोदित कर दिया है। प्रस्तुत बजट प्रस्ताव में आय और व्यय बराबर है। एचआरडीए के मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. तंजीम अली ने बताया बजट में कई विकास कार्यों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है।
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बोर्ड ने ऋषिकेश महायोजना को आगे बढ़ाया
एचआरडीए में अध्यक्ष शैलेश बगोली और उपाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय दोनों ही नए हैं। उन्होंने बोर्ड की अपनी पहली ही बैठक में वर्ष 2011 से लटकी ऋषिकेश महायोजना (मास्टर प्लान) 2031 के प्रारूप को जन सामान्य की आपत्तियों व सुझाव आमंत्रित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। जल्दी ही जन सामान्य की आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई के लिए समिति का गठन भी कर दिया जाएगा। महायोजना के प्रारूप को सहायक नगर नियोजक की ओर से पहले ही प्राधिकरण हाल में उपाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय की उपस्थिति में प्रस्तुतिकरण कर दिया गया था। उन्होंने महायोजना को व्यवहारिक बनाने का निर्देश दिया था।
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यदि आपने अपने घर या किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण बिना नक्शा व लेआउट पास कराए किया तो इसको वैध कराने के लिए दो महीने का वक्त है। शासन ने नई कंपाउंडिंग उपविधि नियमावली लागू कर दी है। यह नियमावली एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। इसके बाद अवैध निर्माण को कंपाउंड कराना न सिर्फ मुश्किल बल्कि महंगा भी हो जाएगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में नई उपविधि नियमावली को हरी झंडी दे दी गई है।
बोर्ड अध्यक्ष एवं कमिश्नर गढ़वाल शैलेश बगोली की अध्यक्षता में देहरादून में हुई बैठक में इसका अनुमोदन किया गया है। एचआरडीए सचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन ने अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए वन टाइम सेटलमेंट का अवसर दिया है। जिसके लिए दो महीने का समय है और लोग इसका फायदा उठा सकते हैं। फरवरी और मार्च में भवन स्वामी अपने अवैध निर्माण को कंपाउंड करा सकते हैं। शासन ने वन टाइम सेटलमेंट के नियमों में शिथिलता प्रदान की है। जिसके अंतर्गत आवासीय कालोनियों में भूउपयोग में नर्सिंग होम और दुकान है तो उसको भी कंपाउंड कराया जा सकता है। अब एक अप्रैल से जो नई शमन उपविधि लागू होने वाली वह पहले से काफी सख्त है। एक अप्रैल के बाद नए बढ़े हुए सर्किल रेट से शमन शुल्क देने के साथ सेटबैक और पार्किंग देना अनिवार्य कर दिया गया है।
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139 करोड़ का बजट भी किया अनुमोदित
हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की 66वीं बोर्ड बैठक ने चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्तुत 139 करोड़ के बजट को अनुमोदित कर दिया है। प्रस्तुत बजट प्रस्ताव में आय और व्यय बराबर है। एचआरडीए के मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. तंजीम अली ने बताया बजट में कई विकास कार्यों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है।
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बोर्ड ने ऋषिकेश महायोजना को आगे बढ़ाया
एचआरडीए में अध्यक्ष शैलेश बगोली और उपाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय दोनों ही नए हैं। उन्होंने बोर्ड की अपनी पहली ही बैठक में वर्ष 2011 से लटकी ऋषिकेश महायोजना (मास्टर प्लान) 2031 के प्रारूप को जन सामान्य की आपत्तियों व सुझाव आमंत्रित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। जल्दी ही जन सामान्य की आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई के लिए समिति का गठन भी कर दिया जाएगा। महायोजना के प्रारूप को सहायक नगर नियोजक की ओर से पहले ही प्राधिकरण हाल में उपाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय की उपस्थिति में प्रस्तुतिकरण कर दिया गया था। उन्होंने महायोजना को व्यवहारिक बनाने का निर्देश दिया था।