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बिजली कनेक् शन देते समय मुफ्त सुविधा नही दे रहे यूपीसीएल अभियंता
Updated Sat, 06 Oct 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। यूपीसीएल की ओर से उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन देते समय मुफ्त में मुहैया कराई जाने वाली 40 मीटर केबिल और अन्य सुविधाएं निशुल्क नहीं दी जा रही हैं। इसके एवज में अधिकारी और कर्मचारी उपभोक्ताओं से वसूली कर रहे हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं को कड़ा पत्र लिखा है।
इसमें प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि नया कनेक्शन देते समय विभागीय अधिकारी और कर्मचारी केबिल मुफ्त में नहीं दे रहे हैं। कर्मचारी मौके पर पहुंचने का भी शुल्क ले रहे हैं। यह बेहद गंभीर है। तमाम अभियंतागण सुनिश्चित कराएं कि उपभोक्ताओं को 40 मीटर तार मुफ्त दें। यदि किसी उपभोक्ता को कनेक्शन देते समय इससे अधिक तार की जरूरत पड़ती है तो उससे नियमानुसार इसकी कीमत ली जाए। प्रबंध निदेशक का कहना है कि इस संबंध में पहले भी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। अब यदि किसी अधिकारी और कर्मचारी की ओर से वसूली की बात सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
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देहरादून। यूपीसीएल की ओर से उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन देते समय मुफ्त में मुहैया कराई जाने वाली 40 मीटर केबिल और अन्य सुविधाएं निशुल्क नहीं दी जा रही हैं। इसके एवज में अधिकारी और कर्मचारी उपभोक्ताओं से वसूली कर रहे हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं को कड़ा पत्र लिखा है।
इसमें प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि नया कनेक्शन देते समय विभागीय अधिकारी और कर्मचारी केबिल मुफ्त में नहीं दे रहे हैं। कर्मचारी मौके पर पहुंचने का भी शुल्क ले रहे हैं। यह बेहद गंभीर है। तमाम अभियंतागण सुनिश्चित कराएं कि उपभोक्ताओं को 40 मीटर तार मुफ्त दें। यदि किसी उपभोक्ता को कनेक्शन देते समय इससे अधिक तार की जरूरत पड़ती है तो उससे नियमानुसार इसकी कीमत ली जाए। प्रबंध निदेशक का कहना है कि इस संबंध में पहले भी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। अब यदि किसी अधिकारी और कर्मचारी की ओर से वसूली की बात सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
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