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अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को पास करनी होगी सीबीईटी परीक्षा
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:04 AM IST
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अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को पास करनी होगी सीबीईटी परीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजधानी दून समेत सभी जिलों में अनुभव के आधार पर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित कर रहे डॉक्टरों को अब कंपीटेंसी बेस्ट इवैल्यूएशन टेस्ट (सीबीईटी) परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा पास करने के लिए सिर्फ दो अवसर मिलेंगे। ऐसे में 31 दिसंबर 2019 से पहले पास करनी अनिवार्य होगी। यह निर्णय सोमवार को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. टीसी पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान लिया गया।
स्वास्थ्य महानिदेशालय में सोमवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पंत ने कहा कि केंद्र से पीसीपीएनडीटी एक्ट में बदलाव और सीबीईटी परीक्षा का प्रावधान की जानकारी साझा की। बैठक में सहमति बनी कि राज्य में अनुभव के आधार पर अल्ट्रासाउंड करने वाले 200 चिकित्सकों को सीबीईटी परीक्षा पास करनी होगी। इसके तहत छह माह के प्रशिक्षण के लिए मेडिकल कॉलेजों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक चिकित्सक को सीबीईटी में सम्मिलित होने के लिए दो अवसर दिए जाएंगे। सीबीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र नियम 214 के प्रारंभिक निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार होगा। अन्य राज्यों का सीबीईटी प्रमाण पत्र उत्तराखंड में भी मान्य होगा। बैठक में छह माह प्रशिक्षण एवं सीबीईटी में आवेदन करने और इसे पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2019 तक का समय देने पर सहमति बनी। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत के अलावा एनएचएम निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल, पीसीपीएनडीटी की नोडल अधिकारी व अपर निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्रधानाचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. संजय गर्ग, हिमालयन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीसी धस्माना, पीसीपीएनडीटी के राज्य विधिक सलाहकार सुशील पुरोहित आदि उपस्थित रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजधानी दून समेत सभी जिलों में अनुभव के आधार पर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित कर रहे डॉक्टरों को अब कंपीटेंसी बेस्ट इवैल्यूएशन टेस्ट (सीबीईटी) परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा पास करने के लिए सिर्फ दो अवसर मिलेंगे। ऐसे में 31 दिसंबर 2019 से पहले पास करनी अनिवार्य होगी। यह निर्णय सोमवार को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. टीसी पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान लिया गया।
स्वास्थ्य महानिदेशालय में सोमवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पंत ने कहा कि केंद्र से पीसीपीएनडीटी एक्ट में बदलाव और सीबीईटी परीक्षा का प्रावधान की जानकारी साझा की। बैठक में सहमति बनी कि राज्य में अनुभव के आधार पर अल्ट्रासाउंड करने वाले 200 चिकित्सकों को सीबीईटी परीक्षा पास करनी होगी। इसके तहत छह माह के प्रशिक्षण के लिए मेडिकल कॉलेजों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक चिकित्सक को सीबीईटी में सम्मिलित होने के लिए दो अवसर दिए जाएंगे। सीबीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र नियम 214 के प्रारंभिक निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार होगा। अन्य राज्यों का सीबीईटी प्रमाण पत्र उत्तराखंड में भी मान्य होगा। बैठक में छह माह प्रशिक्षण एवं सीबीईटी में आवेदन करने और इसे पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2019 तक का समय देने पर सहमति बनी। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत के अलावा एनएचएम निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल, पीसीपीएनडीटी की नोडल अधिकारी व अपर निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्रधानाचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. संजय गर्ग, हिमालयन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीसी धस्माना, पीसीपीएनडीटी के राज्य विधिक सलाहकार सुशील पुरोहित आदि उपस्थित रहे।
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