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सीबीएसई देहरादून जिला, दून, ऋषिकेश, विकासनगर के लिए-

Wed, 30 May 2018 02:04 AM IST
Updated Wed, 30 May 2018 02:04 AM IST
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सीबीएसई देहरादून जिला, दून, ऋषिकेश, विकासनगर के लिए-
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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सीबीएसई 10वीं के नतीजों में देहरादून जिले में ऋषिकेश की सलोनी सिंह टॉपर रही हैं। टॉप-10 में देखें तो इस साल 33 छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई है। दून शहर की बात करें तो इक्का-दुक्का स्कूल ही जिले की टॉपर लिस्ट में जगह बना पाए हैं। दून जिले का रिजल्ट 85.07 प्रतिशत रहा है। ऋषिकेश की सलोनी जिले में पहले, शेमफोर्ड दून के देवज्योति दूसरे और विकासनगर की शेरिल व देवांश अग्रवाल संयुक्त रूप से जिले में तीसरे स्थान पर रहे हैं।
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जिले के टॉप-10 छात्र-छात्राएं
क्रम-छात्र का नाम-अंक-स्कूल
1. सलोनी सिंह 495 डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ऋषिकेश
2. देवज्योति चक्रवृति 494 शेमफोर्ड दून स्कूल, नंदा की चौकी, देहरादून
3. अंशिका पाराशर 492 सेंट्रल स्कूल फॉर तिब्बतन, हर्बटपुर, विकासनगर
3. शेरिल मुंसान 492 द रॉयल कॉलेज अशोक आश्रम, विकासनगर
4. देवांश अग्रवाल 491 वेल्हम ब्वायज स्कूल, देहरादून
5. जयन पाहुजा 490 वेल्हम ब्वायज स्कूल, देहरादून
5. ऋचा सिंह 490 निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल, ऋषिकेश
6. ऋत्विक राय 489 दून इंटरनेशनल स्कूल
6. दिव्या सिंह 489 डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कालोनी, दून
7. अदिती चौहान 488 सेंट मैरी सेकेंडरी स्कूल, क्लेमेंटटाउन
7. रिया सिंह 488 आर्मी पब्लिक स्कूल, क्लेमेंटटाउन
7. प्रियांशु जायरा 488 दून इंटरनेशनल स्कूल
7. देवराज सिंघानिया 488 वेल्हम ब्वायज स्कूल, डालनवाला
7. श्रेय टिबरवाल 488 वेल्हम ब्वायज स्कूल, डालनवाला
7. ज्योति चौहान 488 केंद्रीय विद्यालय, एफआरआई, देहरादून
7. ऋतिक सेमवाल 488 केंद्रीय विद्यालय, एफआरआई देहरादून
7. मेघा रावत 488 डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कालोनी
7. प्रतीक्षा पांडेय 488 डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ऋषिकेश
8. साक्षी सौम्या 487 द एशियन स्कूल, इंदिरा नगर, देहरादून
8. अदिती 487 सेंट मैरी स्कूल, क्लेमेंटटाउन
8. लक्ष्य गुप्ता 487 दून इंटरनेशनल स्कूल
8. गुरनूर सिंह 487 वेल्हम ब्वायज स्कूल
8. लिजिन रमानी नायर 487 आर्मी पब्लिक स्कूल, बीरपुर
9. जाह्नवी राणा 486 द एशियन स्कूल, इंदिरा नगर, देहरादून
9. कुशाग्र भूषण 486 दून इंटरनेशनल स्कूल
9. विवेक अग्रवाल 486 वेल्हम ब्वायज देहरादून
9. मुग्धा बंथवान 486 दिल्ली पब्लिक स्कूल, कालागांव, देहरादून
9. सांभवी मंमगाई 486 दिल्ली पब्लिक स्कूल
10. हिमांशी 485 ग्लेशियर पब्लिक स्कूल, नथुवावाला, देहरादून
10. शाहनवाज हुसैन 485 केंद्रीय विद्यालय एफआरआई
10. सोनाली रावत 485 चिल्ड्रन मॉर्डन एकेडमी, निरंजनपुर
10. अभिनव उनियाल 485 डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश
10. विश्रवा तिवारी 485 डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश
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दून टॉपर की खबर:: फोटो :: समाचार
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पिता की तरह इंजीनियर बनना चाहती है टॉपर सलोनी
देहरादून रीजन में पांचवें और प्रदेश में तीसरे स्थान पर रही सलोनी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) 10वीं की परीक्षा में जिले में टॉप करने वाली सलोनी सिंह अपने पिता की तरह ही इंजीनियर बनना चाहती हैं। गुमानीवाला स्थित देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (डीबीएस) की छात्रा सलोनी की इस कामयाबी पर परिवार में खुशी की लहर है।
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सलोनी सिंह ने सीबीएसई परीक्षा में 500 में से 495 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने 10वीं में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। सलोनी ने बताया कि उसका ख्वाब पिता निर्भय सिंह की तरह इंजीनियर बनने का है। गंगानगर, ऋषिकेश निवासी सलोनी सिंह ने बातचीत में बताया कि उसके पिता निर्भय सिंह लोक निर्माण विभाग में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं और उनकी माता सुमन सिंह गृहिणी हैं। उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए रोजाना दो घंटे पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि उन्हें इस सफलता के लिए माता-पिता और शिक्षकों ने सहयोग किया। बकौल सलोनी लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत के बूते आसानी से उसे हासिल किया जा सकता है। सलोनी ने बताया कि उन्हें बैडमिंटन खेलना और टीवी देखने का शौक है। वहीं, बेटी की सफलता से परिजनों में खुशी की लहर है। इस उपलब्धि के बाद से आसपास के लोगों का सलोनी व उसके परिजनों को शुभकामनाएं देने के लिए घर पर तांता लगा हुआ है।
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सलोनी का रिपोर्ट कार्ड
विषय-अंक
गणित -97
हिंदी -99
विज्ञान- 99
कंप्यूटर- 99
अंग्रेजी -100
समाजशास्त्र- 100
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सक्सेस मंत्रा : रोजाना की पढ़ाई जरूरी है। घर पर कम से कम दो से तीन घंटे की पढ़ाई जरूर करें।
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फोटो::
रोजाना की पढ़ाई ने पहुंचाया कामयाबी के शिखर पर
शेमफोर्ड दून स्कूल के छात्र देवज्योति ने पाए 10वीं में 494 अंक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
रोजाना की पढ़ाई से देवज्योति चक्रवृति ने कामयाबी का शिखर छू लिया। उन्होंने 10वीं में 500 में से 494 अंक हासिल किए हैं। देवज्योति की इस कामयाबी पर उनके शेमफोर्ड स्कूल के अलावा परिवार में खुशी की लहर है।
प्रेमनगर नंदा की चौकी स्थित शेमफोर्ड दून स्कूल के चेयरमैन विजय नागर ने कहा कि देवज्योति के बोर्ड परीक्षा परिणाम से पूरे स्कूल में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि देवज्योति से अन्य छात्रों को भी कु छ अलग करने की सीख मिलेगी। विजय नागर ने कहा कि स्कूल में बच्चों के अध्ययन के लिए अध्यापकों का बहुत बड़ा योगदान हैं। देवज्योति ने कहा कि मैंने बोर्ड परीक्षा के लिए कुछ खास तैयारी तो नहीं की थी रोजाना की तरह ही मैं पढ़ाई के लिए समय निकालता था। इस उपलब्धि के लिए मेरे परिजन और स्कूली अध्यापकों का बहुत बड़ा रोल है। परीक्षा के दौरान देवज्योति ने तनाव मुक्त होकर पढ़ाई की। उन्हें फुटबॉल खेलना पसंद है। देवज्योति चक्रवृति के पिता डॉ. दीपंाकर प्रोफे सर हैं जबकि मां फ्रीलांस संपादक हैं। डॉ. दीपंाकर ने कहा कि उनके बेटे की कड़ी मेहनत और लगन ही अच्छे परिणाम का कारण है, इसके लिए हम देवज्योति को आशीर्वाद और प्यार का तोहफा देते हैं।
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देवज्योति का रिपोर्ट कार्ड
कंप्यूटर 100
सामाजिक विज्ञान 100
गणित 99
संस्कृत 99
अंग्रेजी 98
विज्ञान 98
सक्सेस मंत्रा : हमेशा तनावमुक्त होकर पढ़ाई करें। जो भी विषय पढ़ने का मन हो, उसे मन लगाकर पढ़ें।
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फोटो::
जज बन देश की सेवा करना चाहती हैं शेरिल
शेरिल ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में किया तीसरा स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
जिले में तीसरा स्थान हासिल करने वाली शेरिल मुंसान का सपना जज बन देश की सेवा करने का है। शेरिल ने सीबीएसई 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 500 में से 492 (98.4 प्रतिशत) अंक हासिल किए हैं। शेरिल, द रॉयल कॉलेज बाड़वाला के डॉयरेक्टर शरद मुंसान की पुत्री हैं। उन्होंने सामाजिक विज्ञान में 100 अंक किए हैं। शेरिल द रॉयल कॉलेज की ही छात्रा हैं। शेरिल की माता पारुल गृहणी हैं। शेरिल का कहना है कि उनका सिर्फ एक ही लक्ष्य सिर्फ पढ़ाई करना है। वह रोजाना स्कूल समय के अतिरिक्त 10-12 घंटे पढ़ाई किया करती थी। कहा किसी भी विषय को रट्टा मारने से बेहतर उसे समझना है। वह अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता को देती हैं।

शेरिल का रिपोर्ट कार्ड
हिंदी 98
अंग्रेजी 98
गणित 98
विज्ञान 98
सामाजिक विज्ञान 100
सक्सेस मंत्रा : रूटीन स्टडी जरूरी है। बोर्ड में समझो कि हर दिन बोर्ड परीक्षा वाला है। इसी हिसाब से तैयारी करनी चाहिए।
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फोटो::
आईएएस बन देश की सेवा करना चाहती है अंशिका
98.4 अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
मन में ठान लिया जाए तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है। यह कहना है कि जिले में 98.4 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल करने वाली अंशिका पाराशर का। अंशिका ने शेरिल के साथ संयुक्त रूप से मेरिट सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। अंशिका का सपना आईएएस बन देश की सेवा करने का है। अंशिका के पिता राजीव शर्मा केबल व्यवसायी हैं जबकि, माता बबीता शर्मा गृहिणी हैं। अंशिका ने रोजाना घर में छह घंटे की पढ़ाई कर यह सफलता हासिल की है। वह अपनी इस सफलता का श्रेय दादा पुरुषोत्तम शर्मा और दादी विमला देवी को देती हैं। अंशिका के दादा सिंचाई विभाग से उप राजस्व अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं। अंशिका ने अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, विज्ञान में 98 और हिंदी, सामाजिक विज्ञान में 100 अंक हासिल किए हैं। अंशिका केंद्रीय तिब्बती विद्यालय हरबर्टपुर की छात्रा है।
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अंशिका का रिपोर्ट कार्ड
अंग्रेजी 98
गणित 98
विज्ञान 96
हिंदी 100
सामाजिक विज्ञान 100
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सक्सेस मंत्रा : सेल्फ स्टडी का कोई तोड़ नहीं है। स्कूल में जो भी पढ़ो, उसे घर जाकर जरूर रिवाइज करना चाहिए।
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