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फूल की आबरू कलियों की हया है औरत...
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
महिला दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को लाडपुर में कवयित्री राजेश कुमारी ‘राज’ के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में कवियों और शायरों ने महिलाओं की शान में एक से बढ़कर एक रचनाएं पेश की।
वरिष्ठ शायर नदीम बरनी ने फूल की आबरू कलियों की हया है औरत, शायरा/कवयित्री राजेश कुमारी ‘राज’ ने वो मेरी खामोशियों को हां में हां समझा किया, इक जमीं मुझको व खुद को आसमां समझा किया, कवयित्री डॉली डबराल ने इश्क की राह पर जब चले यारा, महेश्वरी कनेरी जी ने दूर देश बेटा मेरा सुनाकर खूब दाद बटोरी। इसके अलावा गोष्ठी में साधना शर्मा, वीरेंद्र सिंह, मुनीश सक्सेना, शादाब अली, कुसुम कनौजिया, डॉ. प्रभा, संजीव शर्मा, वीरेंद्र डंगवाल, जसवीर सिंह हलधर, सतीश सक्सेना, डॉली डबराल ,पवन शर्मा, शिव मोहन, महेश्वरी कनेरी ,संगीता शाह, मनु मनस्वी, विमला भंडारी आदि ने भी काव्य पाठ किया।
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महिला दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को लाडपुर में कवयित्री राजेश कुमारी ‘राज’ के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में कवियों और शायरों ने महिलाओं की शान में एक से बढ़कर एक रचनाएं पेश की।
वरिष्ठ शायर नदीम बरनी ने फूल की आबरू कलियों की हया है औरत, शायरा/कवयित्री राजेश कुमारी ‘राज’ ने वो मेरी खामोशियों को हां में हां समझा किया, इक जमीं मुझको व खुद को आसमां समझा किया, कवयित्री डॉली डबराल ने इश्क की राह पर जब चले यारा, महेश्वरी कनेरी जी ने दूर देश बेटा मेरा सुनाकर खूब दाद बटोरी। इसके अलावा गोष्ठी में साधना शर्मा, वीरेंद्र सिंह, मुनीश सक्सेना, शादाब अली, कुसुम कनौजिया, डॉ. प्रभा, संजीव शर्मा, वीरेंद्र डंगवाल, जसवीर सिंह हलधर, सतीश सक्सेना, डॉली डबराल ,पवन शर्मा, शिव मोहन, महेश्वरी कनेरी ,संगीता शाह, मनु मनस्वी, विमला भंडारी आदि ने भी काव्य पाठ किया।
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