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माता-पिता की परवरिश संतान को बनाती है सर्वश्रेष्ठ
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आर्य उप प्रतिनिधि सभा की ओर से शनिवार को नगर निगम के टाउन हाल में परवरिश विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का शुभारंभ तपोवन स्थित वैदिक साधन आश्रम के आचार्य आशीष दर्शनाचार्य ने किया।
इस अवसर पर आचार्य आशीष दर्शनाचार्य ने कहा कि माता-पिता की परवरिश ही संतान को सर्वश्रेष्ठ बनाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में फोन के प्रति लगाव चिंताजनक है। माता-पिता को चाहिए कि वह बच्चों पर ध्यान दें। जिससे वह जीवन को बेहतर और अनुशासित बना सकें। इस दौरान वक्ताओं ने संतान निर्माण में आने वाली समस्याओं और उसके समाधान पर चर्चा की। इस क्रम में आगामी 20 से 28 जनवरी तक तपोवन में बच्चे और बड़ों को यज्ञ के मंत्रों के शुद्ध उच्चारण, अर्थ एवं वैज्ञानिक आधार के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में आचार्य डॉ. धनंजय, प्रेम प्रकाश शर्मा, शत्रुघ्न कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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आर्य उप प्रतिनिधि सभा की ओर से शनिवार को नगर निगम के टाउन हाल में परवरिश विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का शुभारंभ तपोवन स्थित वैदिक साधन आश्रम के आचार्य आशीष दर्शनाचार्य ने किया।
इस अवसर पर आचार्य आशीष दर्शनाचार्य ने कहा कि माता-पिता की परवरिश ही संतान को सर्वश्रेष्ठ बनाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में फोन के प्रति लगाव चिंताजनक है। माता-पिता को चाहिए कि वह बच्चों पर ध्यान दें। जिससे वह जीवन को बेहतर और अनुशासित बना सकें। इस दौरान वक्ताओं ने संतान निर्माण में आने वाली समस्याओं और उसके समाधान पर चर्चा की। इस क्रम में आगामी 20 से 28 जनवरी तक तपोवन में बच्चे और बड़ों को यज्ञ के मंत्रों के शुद्ध उच्चारण, अर्थ एवं वैज्ञानिक आधार के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में आचार्य डॉ. धनंजय, प्रेम प्रकाश शर्मा, शत्रुघ्न कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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