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-एनएमसी और इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में बंद रहे क्लीनिक और अस्पताल
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:49 AM IST
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एनएमसी और इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में बंद रहे क्लीनिक और अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) और क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में पछवादून क्षेत्र के सभी निजी डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते सभी प्राइवेट क्लीनिक, नर्सिंग होम बंद रहे। चिकित्सकों ने विरोध में सुबह छह से शाम छह बजे तक संस्थान बंद रखे। इस दौरान केवल इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहीं।
कुल्हाल में हुई डॉक्टरों की बैठक में आईएमए विकासनगर के प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार डॉक्टर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के स्थान पर नेशनल मेडिकल कमीशन स्थापित करने जा रही है। सरकार ऐसा कर कमीशन में डॉक्टरों के बजाय अन्य क्षेत्र के लोगों को प्रमुखता देना चाहती है। कमीशन के शीर्ष स्तर पर डॉक्टर की जगह आईएएस होंगे। संगठन इसका पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थित में एक्ट लागू होने पर इलाज महंगा हो जाएगा। जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट डॉक्टर क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में नहीं है, लेकिन सरकार को इसकी विसंगतियां दूर करनी चाहिए। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. यशवीर तोमर, सचिव डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. एचआर अरोड़ा, डॉ. नरेश राणा, डॉ. दिनेश भंडारी, डॉ. अरुण चौबे, डॉ. जगवीर चंद, डॉ. विकास जैन, डॉ. मयंक शर्मा, डॉ. राजेश खन्ना, डॉ. लोकेश शर्मा, डॉ. मनोज अरोड़ा, डॉ. साधना चौहान, डॉ. मीना जैन, डॉ. सरोज चंद, डॉ. मनीषा तोमर आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) और क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में पछवादून क्षेत्र के सभी निजी डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते सभी प्राइवेट क्लीनिक, नर्सिंग होम बंद रहे। चिकित्सकों ने विरोध में सुबह छह से शाम छह बजे तक संस्थान बंद रखे। इस दौरान केवल इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहीं।
कुल्हाल में हुई डॉक्टरों की बैठक में आईएमए विकासनगर के प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार डॉक्टर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के स्थान पर नेशनल मेडिकल कमीशन स्थापित करने जा रही है। सरकार ऐसा कर कमीशन में डॉक्टरों के बजाय अन्य क्षेत्र के लोगों को प्रमुखता देना चाहती है। कमीशन के शीर्ष स्तर पर डॉक्टर की जगह आईएएस होंगे। संगठन इसका पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थित में एक्ट लागू होने पर इलाज महंगा हो जाएगा। जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट डॉक्टर क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में नहीं है, लेकिन सरकार को इसकी विसंगतियां दूर करनी चाहिए। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. यशवीर तोमर, सचिव डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. एचआर अरोड़ा, डॉ. नरेश राणा, डॉ. दिनेश भंडारी, डॉ. अरुण चौबे, डॉ. जगवीर चंद, डॉ. विकास जैन, डॉ. मयंक शर्मा, डॉ. राजेश खन्ना, डॉ. लोकेश शर्मा, डॉ. मनोज अरोड़ा, डॉ. साधना चौहान, डॉ. मीना जैन, डॉ. सरोज चंद, डॉ. मनीषा तोमर आदि मौजूद रहे।
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