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एक माह में सवा लाख यात्री पहुंचे हेमकुंड
Updated Sun, 25 Jun 2017 10:39 PM IST
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गोपेश्वर। 25 मई से शुरू हुई हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान एक माह में 1.10 लाख तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन और पवित्र सरोवर में स्नान कर चुके हैं। गुरुद्वारा कमेटी को उम्मीद है कि मौसम ने साथ दिया तो इस वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी पटरी से उतर गई थी। हेमकुंड के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में गुरुद्वारे के साथ ही धर्मशालाओं और दुकानों को अलकनंदा नदी से भारी नुकसान पहुंचा था। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदली और अब दोबारा तीर्थयात्रा चल पड़ी है।
सप्तशिखरों के बीच स्थित हेमकुंड साहिब में इन दिनों दिनभर तीर्थयात्रियों के जो बोले सो निहाल के जयकारे गूंज रहे हैं। घांघरिया से आगे छह किलोमीटर की पैदल दूरी बेहद तकलीफदेह है। यहां तीर्थयात्री एक दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ते हैं।
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पंजाब के हरप्रीत, मंजीत और गुरु सिंह का कहना है कि वे पहली बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर आए हैं। हेमकुंड साहिब में आध्यात्मिक शांति मिली। यहां का मौसम और प्राकृतिक नजारे कभी न भुलाने वाले हैं।
दिल्ली के मलखान सिंह, सिमरन और जमन सिंह का कहना है कि वे दूसरी बार हेमकुंड की यात्रा पर आए हैं। वर्ष 2009 के बाद इस बार आए हैं। इस बार गोविंदघाट और घांघरिया में यात्री सुविधाएं ठीक-ठाक मिलीं। लुधियाना के तीर्थयात्री कुलवीर का कहना है कि हेमकुंड के दर्शन कर धन्य हो गया। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि आपदा के बाद पहली बाद शुरुआत के पहले महीने में एक लाख से अधिक तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंचे हैं। तीर्थयात्रियों के लिए गोविंदघाट और घांघरिया में रहने-खाने और मेडिकल की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। मौसम ने साथ दिया तो इस बार तीन लाख से अधिक तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन को पहुंचेंगे।
हेमकुंड साहिब में एक माह में कब कितने यात्री आए
वर्ष 2013 80235
वर्ष 2014 45000
वर्ष 2015 60385
वर्ष 2016 85149
वर्ष 2017 1 लाख 10 हजार
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वर्ष 2013 की आपदा के बाद से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी पटरी से उतर गई थी। हेमकुंड के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में गुरुद्वारे के साथ ही धर्मशालाओं और दुकानों को अलकनंदा नदी से भारी नुकसान पहुंचा था। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदली और अब दोबारा तीर्थयात्रा चल पड़ी है।
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सप्तशिखरों के बीच स्थित हेमकुंड साहिब में इन दिनों दिनभर तीर्थयात्रियों के जो बोले सो निहाल के जयकारे गूंज रहे हैं। घांघरिया से आगे छह किलोमीटर की पैदल दूरी बेहद तकलीफदेह है। यहां तीर्थयात्री एक दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ते हैं।
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पंजाब के हरप्रीत, मंजीत और गुरु सिंह का कहना है कि वे पहली बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर आए हैं। हेमकुंड साहिब में आध्यात्मिक शांति मिली। यहां का मौसम और प्राकृतिक नजारे कभी न भुलाने वाले हैं।
दिल्ली के मलखान सिंह, सिमरन और जमन सिंह का कहना है कि वे दूसरी बार हेमकुंड की यात्रा पर आए हैं। वर्ष 2009 के बाद इस बार आए हैं। इस बार गोविंदघाट और घांघरिया में यात्री सुविधाएं ठीक-ठाक मिलीं। लुधियाना के तीर्थयात्री कुलवीर का कहना है कि हेमकुंड के दर्शन कर धन्य हो गया। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि आपदा के बाद पहली बाद शुरुआत के पहले महीने में एक लाख से अधिक तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंचे हैं। तीर्थयात्रियों के लिए गोविंदघाट और घांघरिया में रहने-खाने और मेडिकल की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। मौसम ने साथ दिया तो इस बार तीन लाख से अधिक तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन को पहुंचेंगे।
हेमकुंड साहिब में एक माह में कब कितने यात्री आए
वर्ष 2013 80235
वर्ष 2014 45000
वर्ष 2015 60385
वर्ष 2016 85149
वर्ष 2017 1 लाख 10 हजार