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नेट जीरो के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए साझा प्रयास की जरूरत : नारायणमूर्ति
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Iभारतीय पेट्रोलियम संस्थान में 83वां सीएसआईआर स्थापना दिवस मनायाI
सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान में 83वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनुसंधान एवं विकास बीपीसीएल प्रमुख चंद्रशेखर नारायणमूर्ति ने कहा कि भारत के नेट जीरो के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सहयोगात्मक और साझा प्रयास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नवाचार को बढ़ावा देने और संवहनीय पद्धति में सार्थक परिवर्तन लाने में अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों की साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संस्थान के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के इतिहास एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। कहा कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर विकसित की जा रही संवहनीय प्रौद्योगिकी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समारोह के विशिष्ट अतिथि उपाध्यक्ष एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ल्यूमस टेक्नोलॉजी रामा राव मारी ने प्लास्टिक अपशिष्ट-प्रदूषण, विकार्बनीकरण नीतियों के कार्यान्वयन और हरित प्रौद्योगिकियों एवं अनुसंधान के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। इस दौरान परिषद में 25 वर्ष की सेवा कर चुके कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक संध्या में कर्मचारियों, उनके बच्चों एवं पीएचडी शोध छात्रों आदि ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विज्ञान संचार एवं प्रसार निदेशालय प्रमुख डॉ. हेमंत कुलकर्णी ने आभार जताया।
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सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान में 83वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनुसंधान एवं विकास बीपीसीएल प्रमुख चंद्रशेखर नारायणमूर्ति ने कहा कि भारत के नेट जीरो के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सहयोगात्मक और साझा प्रयास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नवाचार को बढ़ावा देने और संवहनीय पद्धति में सार्थक परिवर्तन लाने में अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों की साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संस्थान के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के इतिहास एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। कहा कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर विकसित की जा रही संवहनीय प्रौद्योगिकी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समारोह के विशिष्ट अतिथि उपाध्यक्ष एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ल्यूमस टेक्नोलॉजी रामा राव मारी ने प्लास्टिक अपशिष्ट-प्रदूषण, विकार्बनीकरण नीतियों के कार्यान्वयन और हरित प्रौद्योगिकियों एवं अनुसंधान के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। इस दौरान परिषद में 25 वर्ष की सेवा कर चुके कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक संध्या में कर्मचारियों, उनके बच्चों एवं पीएचडी शोध छात्रों आदि ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विज्ञान संचार एवं प्रसार निदेशालय प्रमुख डॉ. हेमंत कुलकर्णी ने आभार जताया।
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