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अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर जगत कल्याण की कामना

Wed, 14 Nov 2018 02:11 AM IST
Updated Wed, 14 Nov 2018 02:11 AM IST
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अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर जगत कल्याण की कामना
अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर जगत कल्याण की कामना
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। द्रोणनगरी में छठ का व्रत करने वाली महिला और पुरुषों ने पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। मंगलवार को शहर छठ के रंग में रंगा रहा। शहर में कई जगहों पर बनाए गए घाटों पर छठ पूजन किया गया। व्रतियों ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही विधि-विधान से पूजन किया। साथ ही जगत कल्याण और अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर छठ मैया के गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया।
शहर में मुख्य आयोजन बिहारी महासभा की ओर से टपकेश्वर मंदिर परिसर में किया गया। साथ ही सभा की ओर से प्रेमनगर, मालदेवता, क्लेमेंटटाउन समेत 22 जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टपकेश्वर मंदिर परिसर में दोपहर से ही श्रद्धालुओं के आने का दौर शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ बांस के सूप और टोकरे में फल, सब्जी लिए घाट पर पहुंचीं। व्रतियों ने शाम को तमसा नदी के जल में खड़े होकर सूरज को अर्घ्य दिया। इस दौरान पहिले पहिल छठी मइया..., सुनि लेहु अरज हमार हे छठी मइया...आदि गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया।
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बालाजी सेवा संस्थान की ओर से गौतम कुंड चंद्रबनी में छठ पर्व का आयोजन किया गया। संस्थान के कार्यकारी निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि यहां छह साल से छठ माने के साथ ही संस्थान की ओर से जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
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दुनिया में अनूठा पर्व है छठ
राजधानी में मंगलवार को छठ पर्व की रौनक रही। इस मौके पर बिहारी महासभा के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का एक बड़ा उदाहरण है। यह सबसे अनूठा पर्व है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सिर्फ उगते हुए सूरज की पूजा करते हैं लेकिन सनातन हिंदू संस्कृति में छठ पर्व पर डूबते हुए सूर्य की भी पूजा होती है। इसका अर्थ है कि हिंदू धर्म के लोग आने-जाने वालों को समान भाव से देखते हैं।

क्लेमेंटटाउन में सेना ने भी किया सहयोग
छठ पर्व पर क्लेमेंटटाउन में व्रतियों ने तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया। पूजा स्थल मछली तालाब में छठ सेवा समिति की ओर से सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तैयारी की गई। यहां व्यवस्था में सेना का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर समिति के संरक्षक महेश पांडे, अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, गोरखनाथ, शिव कुमार, वीरसेन कश्यप, मोहन जोशी आदि मौजूद रहे।

आज उगते सूरज को अर्घ्य देकर होगा व्रत का समापन
सूर्य की उपासना का पर्व छठ का बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर समापन हो जाएगा। इसके साथ ही करीब 36 घंटे का व्रत भी पूरा हो जाएगा। इसके लिए घाटों में तैयारी कर ली गई। सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तड़के सुबह से ही घाटों और पूजा स्थलों में श्रद्धालुओं के आने का दौर शुरू हो जाएगा।


लोगों को जोड़ने का पर्व है छठ
बलवीर रोड में रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों के साथ छठ पर्व मनाने गए कांग्रेस सह प्रभारी राजेश धर्माणी और पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि छठ पर्व लोगों को जोड़ने का पर्व है। यहां शाम 5:23 बजे व्रती महिलाओं ने पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया। इस मौके पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद, अशोक वर्मा, नागेश, सोम प्रकाश, सुशील मिश्रा, रामनाथ, निखिल कुमार, उदयवीर, बलराज, शिवा, तरुण, राजेंद्र खन्ना, हिमांशु आदि मौजूद रहे।
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