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सात दिन में भूमि खाली करने का नोटिस
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:05 AM IST
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सात दिन में भूमि खाली करने का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला
मसूरी। नगर पालिका ने शिफनकोट में रह रहे 84 मजदूर परिवारों को सात दिन के अंदर परिसर खाली करने के नोटिस दिए गए हैं, जिससे वहां रह रहे मजदूरों में अफरातफरी मची हुई है।
उल्लेखनीय है कि पुरकुल से मसूरी के लाइब्रेरी बस स्टेंड के लिए रोपवे परियोजना प्रस्तावित है, जिसके लिए नगर पालिका ने शिफनकोट में राज्य पर्यटन विभाग को 4.25 एकड़ भूमि हस्तांतरित की थी। ब्रिटिशकाल में शिफनकोट में बने मजदूर आवासों में 24 मजदूर रहते थे। उनको यह आवास आवंटित किए गए थे। साल 2012 में मरम्मत के नाम पर इस भवन को तोड़ दिया गया था। जो आज तक नहीं बन पाया है। बहरहाल शिफनकोट में रह रहे 84 मजदूर परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है।
नोटिस मिलने के बाद मजदूरों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एमएल शाह को अपनी परेशानियों से अवगत कराया। एमएल शाह ने बताया कि फिलहाल शिफनकोट में रह रहे मजदूरों को सात दिनों के अंदर परिसर खाली करने का नोटिस दे दिया गया है। सात दिनों के बाद जैसा शासन का आदेश होगा, उस के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मजदूर संघ के सचिव गंभीर सिंह पंवार का कहना है कि यदि मजदूरों के समुचित विस्थापन की व्यवस्था नहीं की गई तो कोई भी मजदूर शिफनकोट परिसर खाली नहीं करेगा। वहीं निवर्तमान पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल का कहना है कि पर्यटन विभाग पहले यह तय करें कि शिफनकोट की कितनी भूमि पर रोपवे प्रोजेक्ट लगेगा। उनका कहना है कि पूर्व में जब उस भूमि का सर्वे किया गया था तो रोपवे स्थापित करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने वहां रह रहे मजदूरों को भी उसी भूमि पर बसाने की बात कही थी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
मसूरी। नगर पालिका ने शिफनकोट में रह रहे 84 मजदूर परिवारों को सात दिन के अंदर परिसर खाली करने के नोटिस दिए गए हैं, जिससे वहां रह रहे मजदूरों में अफरातफरी मची हुई है।
उल्लेखनीय है कि पुरकुल से मसूरी के लाइब्रेरी बस स्टेंड के लिए रोपवे परियोजना प्रस्तावित है, जिसके लिए नगर पालिका ने शिफनकोट में राज्य पर्यटन विभाग को 4.25 एकड़ भूमि हस्तांतरित की थी। ब्रिटिशकाल में शिफनकोट में बने मजदूर आवासों में 24 मजदूर रहते थे। उनको यह आवास आवंटित किए गए थे। साल 2012 में मरम्मत के नाम पर इस भवन को तोड़ दिया गया था। जो आज तक नहीं बन पाया है। बहरहाल शिफनकोट में रह रहे 84 मजदूर परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है।
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नोटिस मिलने के बाद मजदूरों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एमएल शाह को अपनी परेशानियों से अवगत कराया। एमएल शाह ने बताया कि फिलहाल शिफनकोट में रह रहे मजदूरों को सात दिनों के अंदर परिसर खाली करने का नोटिस दे दिया गया है। सात दिनों के बाद जैसा शासन का आदेश होगा, उस के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मजदूर संघ के सचिव गंभीर सिंह पंवार का कहना है कि यदि मजदूरों के समुचित विस्थापन की व्यवस्था नहीं की गई तो कोई भी मजदूर शिफनकोट परिसर खाली नहीं करेगा। वहीं निवर्तमान पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल का कहना है कि पर्यटन विभाग पहले यह तय करें कि शिफनकोट की कितनी भूमि पर रोपवे प्रोजेक्ट लगेगा। उनका कहना है कि पूर्व में जब उस भूमि का सर्वे किया गया था तो रोपवे स्थापित करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने वहां रह रहे मजदूरों को भी उसी भूमि पर बसाने की बात कही थी।
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