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आयोग ने स्वीकार की संस्कृत विवि की शास्त्री की उपाधि
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:47 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से प्रवक्ता संवर्ग के लिए उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री की उपाधि स्वीकार कर ली गई है। इसके साथ ही आयोग की ओर से प्रवक्ता संवर्ग के लिए ऑनलाइन आवेदनपत्र भरने अंतिम तिथि 25 सिंतबर से बढ़ाकर 10 अक्तूबर कर दी गई है।
आयोग ने उत्तराखंड शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग सेवा (सामान्य शाखा और महिला शाखा) परीक्षा 2018 के अंतर्गत प्रवक्ता के रिक्त 917 पदों पर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के दौरान उत्तराखंड संस्कृत विवि की शास्त्री और आचार्य के विकल्प शो नहीं हो पा रहे थे। जिसके चलते संस्कृत विवि और उससे संबंध संस्कृत महाविद्यालय के छात्र ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भर पा रहे थे। ऐसे में संस्कृत के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा था। ऐसी स्थिति में संस्कृत विवि कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित ने विवि की शास्त्री की उपाधि स्वीकार करने के संबंध में आयोग के सचिव को पत्र लिखा। साथ ही प्रभावित छात्रों के अलग-अलग प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, वित्त मंत्री प्रकाश पंत, माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव आनंद स्वरूप और संस्कृत विवि के कुलसचिव से मुलाकात कर शास्त्री की उपाधि को प्रवक्ता पदों के लिए स्वीकार किए जाने की मांग की थी।
कोट-
आयोग की ओर से प्रवक्ता के रिक्त पदों पर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अक्तूबर कर दी गई है। साथ ही आयोग की ओर से नियमानुसर प्रवक्ता पदों के लिए संस्कृत विवि की शास्त्री की उपाधि भी स्वीकार की जा रही है।
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- आनंद स्वरूप, सचिव- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग
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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से प्रवक्ता संवर्ग के लिए उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री की उपाधि स्वीकार कर ली गई है। इसके साथ ही आयोग की ओर से प्रवक्ता संवर्ग के लिए ऑनलाइन आवेदनपत्र भरने अंतिम तिथि 25 सिंतबर से बढ़ाकर 10 अक्तूबर कर दी गई है।
आयोग ने उत्तराखंड शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग सेवा (सामान्य शाखा और महिला शाखा) परीक्षा 2018 के अंतर्गत प्रवक्ता के रिक्त 917 पदों पर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के दौरान उत्तराखंड संस्कृत विवि की शास्त्री और आचार्य के विकल्प शो नहीं हो पा रहे थे। जिसके चलते संस्कृत विवि और उससे संबंध संस्कृत महाविद्यालय के छात्र ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भर पा रहे थे। ऐसे में संस्कृत के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा था। ऐसी स्थिति में संस्कृत विवि कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित ने विवि की शास्त्री की उपाधि स्वीकार करने के संबंध में आयोग के सचिव को पत्र लिखा। साथ ही प्रभावित छात्रों के अलग-अलग प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, वित्त मंत्री प्रकाश पंत, माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव आनंद स्वरूप और संस्कृत विवि के कुलसचिव से मुलाकात कर शास्त्री की उपाधि को प्रवक्ता पदों के लिए स्वीकार किए जाने की मांग की थी।
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कोट-
आयोग की ओर से प्रवक्ता के रिक्त पदों पर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अक्तूबर कर दी गई है। साथ ही आयोग की ओर से नियमानुसर प्रवक्ता पदों के लिए संस्कृत विवि की शास्त्री की उपाधि भी स्वीकार की जा रही है।
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- आनंद स्वरूप, सचिव- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग