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अनियमितता मिलने पर निरस्त होगा स्कूल-संस् थाओं का रजिस्ट्रेशन
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने चैरिटेबल ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत स्कूल और संस्थाओं के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अनियमितता मिलने पर स्कूल व संस्था का पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी दी है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने यें बातें मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने 16 जुलाई को आयोग में पहुंचकर सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत सभी संस्थाओं का विवरण व कार्ययोजना देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने सहायक निबंधक सहकारी समिति के अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर नाराजगी भी जताई।
अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि संस्थाओं का भौतिक सत्यापन करना काफी जरूरी है, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लग सके। उन्होंने शिक्षा के अधिकार एवं जेजे एक्ट अनुपालन के लिए समन्वय समिति बनाने पर जोर दिया। निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से ट्यूशन/डेवलपमेंट चार्ज आदि मदों में वसूली के बाबत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान स्कूली वाहनों के बारे में एआरटीओ अरविंद पांडे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने चैरिटेबल एक्ट के तहत पंजीकृत संस्थानों पर अंकुश लगाने की कार्ययोजना, जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी मीना बिष्ट ने समेकित बाल संरक्षण योजना की जानकारी दी। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक वाईएस चौधरी, उप शिक्षा अधिकारी रायपुर मोनिका बम, खंड शिक्षाधिकारी एसएस तोमर आदि मौजूद रहे।
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बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने चैरिटेबल ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत स्कूल और संस्थाओं के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अनियमितता मिलने पर स्कूल व संस्था का पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी दी है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने यें बातें मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने 16 जुलाई को आयोग में पहुंचकर सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत सभी संस्थाओं का विवरण व कार्ययोजना देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने सहायक निबंधक सहकारी समिति के अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर नाराजगी भी जताई।
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अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि संस्थाओं का भौतिक सत्यापन करना काफी जरूरी है, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लग सके। उन्होंने शिक्षा के अधिकार एवं जेजे एक्ट अनुपालन के लिए समन्वय समिति बनाने पर जोर दिया। निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से ट्यूशन/डेवलपमेंट चार्ज आदि मदों में वसूली के बाबत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान स्कूली वाहनों के बारे में एआरटीओ अरविंद पांडे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने चैरिटेबल एक्ट के तहत पंजीकृत संस्थानों पर अंकुश लगाने की कार्ययोजना, जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी मीना बिष्ट ने समेकित बाल संरक्षण योजना की जानकारी दी। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक वाईएस चौधरी, उप शिक्षा अधिकारी रायपुर मोनिका बम, खंड शिक्षाधिकारी एसएस तोमर आदि मौजूद रहे।
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