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नगर निगम में पसरा पड़ा सन्नाटा, लौटे फरियादी
Updated Sat, 05 May 2018 02:16 AM IST
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नगर निगम में सन्नाटा, बैरंग लौटे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद शुक्रवार को निगम का पहला दिन सन्नाटा भरा रहा। विभागीय अधिकारियों के कमरों में ताले लगे होने के कारण निगम संबंधी कार्य कराने पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं डीएम ने प्रशासक के रूप में चार्ज ले लिया है।
मेयर का कार्यकाल खत्म होने के बाद शुक्रवार को नगर निगम प्रशासक के हवाले हो गया है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन इसके प्रशासक होंगे। इसके लिए उन्होंने चार्ज ले लिया है। यह चार्ज उन्होंने कलेक्ट्रेट में अपने कार्यालय में ही लिया।
इस दौरान निगम संबंधी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। हाथीबड़कला निवासी संदीप ने बताया कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर आए थे लेकिन यहां कोई अधिकारी-कर्मचारी के नहीं मिले हैं। इंदिरा नगर से कूड़े की समस्या लेकर पहुंचे विवेक भी बैरंग लौट गए।
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वहीं नगर आयुक्त विजय कुमार जोगडंडे का कार्यालय बंद रहा। बताया गया है कि उनके परिवार में किसी किसी की तबियत खराब हो गई, जिस कारण उन्हें अचानक अवकाश पर जाना पड़ा।
नगर निगम में केवल टैक्स अनुभाग में कर्मचारी और टैक्स जमा करने पहुंचे लोग ही दिखे, जबकि अन्य अनुभागों में कोई कर्मचारी-अधिकारी नजर नहीं आया। पार्षद कक्ष में भी सन्नाटा पसरा पड़ा रहा।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद शुक्रवार को निगम का पहला दिन सन्नाटा भरा रहा। विभागीय अधिकारियों के कमरों में ताले लगे होने के कारण निगम संबंधी कार्य कराने पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं डीएम ने प्रशासक के रूप में चार्ज ले लिया है।
मेयर का कार्यकाल खत्म होने के बाद शुक्रवार को नगर निगम प्रशासक के हवाले हो गया है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन इसके प्रशासक होंगे। इसके लिए उन्होंने चार्ज ले लिया है। यह चार्ज उन्होंने कलेक्ट्रेट में अपने कार्यालय में ही लिया।
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इस दौरान निगम संबंधी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। हाथीबड़कला निवासी संदीप ने बताया कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर आए थे लेकिन यहां कोई अधिकारी-कर्मचारी के नहीं मिले हैं। इंदिरा नगर से कूड़े की समस्या लेकर पहुंचे विवेक भी बैरंग लौट गए।
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वहीं नगर आयुक्त विजय कुमार जोगडंडे का कार्यालय बंद रहा। बताया गया है कि उनके परिवार में किसी किसी की तबियत खराब हो गई, जिस कारण उन्हें अचानक अवकाश पर जाना पड़ा।
नगर निगम में केवल टैक्स अनुभाग में कर्मचारी और टैक्स जमा करने पहुंचे लोग ही दिखे, जबकि अन्य अनुभागों में कोई कर्मचारी-अधिकारी नजर नहीं आया। पार्षद कक्ष में भी सन्नाटा पसरा पड़ा रहा।