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चर्चों में मना गुड फाइडे, किया प्रभु़ यीशु को याद
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:35 AM IST
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गुड फ्राइडे पर किया प्रभु यीशु को याद
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
शहर चर्चों में गुड फ्राइडे मनाया गया। चर्चों में बाइबिल का पाठ कर प्रभु यीशु के संदेश पढ़कर सुनाया गया। गिरजाघरों में यीशु के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रार्थना सभा के बाद लोगों ने उपवास खोला।
नेशविला रोड स्थित सेंट्रल मथोडिस्टचर्च के पास्टर दिनेश प्रसाद ने बताया कि प्रभु यीशु पाप से छुटकारा दिलाने का संदेश देते थे। उनके विरोधियों को ये बात पसंद नहीं थी। विरोधियों ने उन्हें सूली पर लटका दिया था लेकिन तीन दिन बाद ही प्रभु यीशु जीवित हो उठे थे। इसलिए गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईस्टर मनाया जाता है। जो इस बार रविवार को मनाया जाएगा।
उधर सेंट फ्रांसिस कैथोलिक चर्च के कांवेंट हॉल में तीन घंटे तक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। जिसमें प्रभु यीशु के संघर्ष और उनकी पीड़ा को दर्शाया गया। पास्टर वलेरियन पिंटू ने बताया कि प्रभु यीशु ने तमाम दुख सहे, लेकिन मानव कल्याण के मार्ग से विचलित नहीं हुए। उन्होंने मानवता को सत्य का साक्षात्कार कराया। परमेश्वर का पुत्र होने पर भी उन्होंने साधारण मनुष्यों जैसा व्यवहार किया, जो पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
शहर चर्चों में गुड फ्राइडे मनाया गया। चर्चों में बाइबिल का पाठ कर प्रभु यीशु के संदेश पढ़कर सुनाया गया। गिरजाघरों में यीशु के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रार्थना सभा के बाद लोगों ने उपवास खोला।
नेशविला रोड स्थित सेंट्रल मथोडिस्टचर्च के पास्टर दिनेश प्रसाद ने बताया कि प्रभु यीशु पाप से छुटकारा दिलाने का संदेश देते थे। उनके विरोधियों को ये बात पसंद नहीं थी। विरोधियों ने उन्हें सूली पर लटका दिया था लेकिन तीन दिन बाद ही प्रभु यीशु जीवित हो उठे थे। इसलिए गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईस्टर मनाया जाता है। जो इस बार रविवार को मनाया जाएगा।
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उधर सेंट फ्रांसिस कैथोलिक चर्च के कांवेंट हॉल में तीन घंटे तक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। जिसमें प्रभु यीशु के संघर्ष और उनकी पीड़ा को दर्शाया गया। पास्टर वलेरियन पिंटू ने बताया कि प्रभु यीशु ने तमाम दुख सहे, लेकिन मानव कल्याण के मार्ग से विचलित नहीं हुए। उन्होंने मानवता को सत्य का साक्षात्कार कराया। परमेश्वर का पुत्र होने पर भी उन्होंने साधारण मनुष्यों जैसा व्यवहार किया, जो पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है।
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