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होम स्टे के बनाएं आजीविका का जरिया
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आपके घर में एक या उससे अधिक कमरे खाली हैं तो आप होम स्टे में पंजीकरण करा सकते हैं। होम स्टे योजना के तहत पर्यटकों को ठहराकर आजीविका कमा सकते हैं। देहरादून जिले में 63 होम स्टे शुरू हो चुके हैं। 160 लोगों ने होम स्टे पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।
देहरादून जिले में मसूरी, कालसी, ऋषिकेश, चकराता समेत कई पर्यटन स्थल हैं। सीजन में इन जगहों में पर्यटक उमड़ते हैं। होटल की एडवांस बुकिंग होने से कमरों के लिए मारामारी रहती है। इन इलाकों में होम स्टे रोजगार का बेहतर विकल्प बन रहा है। जिन लोगों के पास घरों में एक या उससे अधिक कमरों के साथ किचन सुविधा है वे होम स्टे के तहत पर्यटन विभाग में पंजीकरण करा रहे हैं। भागदौड़ की जिंदगी में अधिकांश लोग पर्यटन स्थलों पर घर जैसा माहौल ढूंढते हैं। अधिकांश पर्यटक शांति, सुरक्षा के साथ घर जैसा खाना भी चाहते हैं। होटलों में उन्हें न तो घर जैसा खाना मिल पाता है और न ही परिवार जैसा माहौल। ऐसे में होम स्टे पर्यटकों को लुभा रहे हैं।
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पांच सौ से दो हजार रुपये तक किराया
होम स्टे में प्रतिदिन का किराया उसकी सुविधाओं पर निर्भर है। किराया निर्धारण पर्यटन विभाग के मानकों के अनुसार होता है। न्यूनतम किराया पांच सौ रुपये और अधिकतम दो हजार रुपये रोजाना है। होम स्टे के लिए घर में किचन की व्यवस्था जरूरी है। जिला पर्यटन अधिकारी केएस रावत के मुताबिक 63 होम स्टे पंजीकृत हैं। पंजीकरण शुल्क पांच सौ रुपये है। दो साल बाद पंजीकरण का नवीनीकरण का प्रावधान है।
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आपके घर में एक या उससे अधिक कमरे खाली हैं तो आप होम स्टे में पंजीकरण करा सकते हैं। होम स्टे योजना के तहत पर्यटकों को ठहराकर आजीविका कमा सकते हैं। देहरादून जिले में 63 होम स्टे शुरू हो चुके हैं। 160 लोगों ने होम स्टे पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।
देहरादून जिले में मसूरी, कालसी, ऋषिकेश, चकराता समेत कई पर्यटन स्थल हैं। सीजन में इन जगहों में पर्यटक उमड़ते हैं। होटल की एडवांस बुकिंग होने से कमरों के लिए मारामारी रहती है। इन इलाकों में होम स्टे रोजगार का बेहतर विकल्प बन रहा है। जिन लोगों के पास घरों में एक या उससे अधिक कमरों के साथ किचन सुविधा है वे होम स्टे के तहत पर्यटन विभाग में पंजीकरण करा रहे हैं। भागदौड़ की जिंदगी में अधिकांश लोग पर्यटन स्थलों पर घर जैसा माहौल ढूंढते हैं। अधिकांश पर्यटक शांति, सुरक्षा के साथ घर जैसा खाना भी चाहते हैं। होटलों में उन्हें न तो घर जैसा खाना मिल पाता है और न ही परिवार जैसा माहौल। ऐसे में होम स्टे पर्यटकों को लुभा रहे हैं।
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पांच सौ से दो हजार रुपये तक किराया
होम स्टे में प्रतिदिन का किराया उसकी सुविधाओं पर निर्भर है। किराया निर्धारण पर्यटन विभाग के मानकों के अनुसार होता है। न्यूनतम किराया पांच सौ रुपये और अधिकतम दो हजार रुपये रोजाना है। होम स्टे के लिए घर में किचन की व्यवस्था जरूरी है। जिला पर्यटन अधिकारी केएस रावत के मुताबिक 63 होम स्टे पंजीकृत हैं। पंजीकरण शुल्क पांच सौ रुपये है। दो साल बाद पंजीकरण का नवीनीकरण का प्रावधान है।
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