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केंद्र की बीमा योजना से बचेगा प्रदेश का धन!
Updated Sat, 03 Feb 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
केंद्रीय बजट में देश के करीब 10 करोड़ परिवारों को नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत बीमा कवर का लाभ देने का प्रावधान उत्तराखंड के लिहाज से बेहद लाभकारी हो सकता है। पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर की वजह से राज्य में चल रही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) इसमें समायोजित हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार की हर साल 40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी, जो फिलहाल एमएसबीवाई में तहत खर्च किया जा रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने और उपचार में होने वाले खर्च की निश्चित सीमा तक भरपाई करने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से 12 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। योजना में बीपीएल और एपीएल के वे परिवार शामिल हैं, जो सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, उनके आश्रित एवं आयकर दाता की श्रेणी में नहीं आते हैं। योजना के तहत प्रदेश सरकार सामान्य बीमारियों पर 50 हजार और गंभीर बीमारियों पर एक लाख 25 हजार रुपये तक की नकद रहित उपचार प्रदान कर रही है। इस पर प्रदेश सरकार को हर साल 40 करोड़ से अधिक का व्ययभार उठाना पड़ रहा है, लेकिन केंद्र के पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर के बाद उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना केंद्र की हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम में समायोजित हो जाएगी। इससे प्रदेश सरकार की हर साल एमएसबीवाई योजना में करोड़ों के व्यय की बचत होगी।
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आंकड़ों में एमएसबीवाई
184 अस्पताल पैनल में शामिल
88 अस्पताल प्राईवेट अस्पताल
95 सरकारी अस्पताल शामिल
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केंद्र की पांच लाख के हेल्थ कवर वाली योजना की गाइड लाइन अभी नहीं मिली है। गाइड लाइन आने के बाद ही साफ होगा कि किस वर्ग के लोग इस योजना के पात्र होंगे। इसके बाद इस योजना से लोगों को लाभान्वित किया जाएगा।
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-डॉ.अमलेश कुमार, प्रभारी, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना
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जिसमें अधिक कवर वही योजना होगी लागू
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें केंद्र से पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर वाली योजना की गाइड लाइन का इंतजार है। केंद्र की योजना में हेल्थ बीमा कवर अधिक है। ऐसे में वही योजना लागू होगी, जिसमें लोगों को अधिक बीमा कवर मिले।
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केंद्र सरकार से ब्योरा मिलने का इंतजार
केंद्रीय बजट में नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत लोगों को बीमा कवर का लाभ देने की घोषणा के बाद एमएसबीवाई के अस्तित्व को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। राज्य में एमएसबीवाई योजना के तहत बीपीएल परिवारों का पौने दो लाख तक के निशुल्क इलाज की सुविधा है। अब केंद्र ने पांच लाख तक के इलाज की सुविधा लोगों को देने की घोषणा की है। ऐसे में एक जैसी योजनाओं को लागू करने में तकनीकी समस्या आने की आशंका है। अपर स्वास्थ्य सचिव अरुणेंद्र चौहान का कहना है कि अभी स्वास्थ्य बीमा योजना की पूरा ब्योरा नहीं आया है। ब्योरा आने के बाद योजना का अध्ययन और उच्च स्तर से निर्देश लेकर ही कदम उठाया जाएगा।
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केंद्रीय बजट में देश के करीब 10 करोड़ परिवारों को नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत बीमा कवर का लाभ देने का प्रावधान उत्तराखंड के लिहाज से बेहद लाभकारी हो सकता है। पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर की वजह से राज्य में चल रही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) इसमें समायोजित हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार की हर साल 40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी, जो फिलहाल एमएसबीवाई में तहत खर्च किया जा रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने और उपचार में होने वाले खर्च की निश्चित सीमा तक भरपाई करने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से 12 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। योजना में बीपीएल और एपीएल के वे परिवार शामिल हैं, जो सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, उनके आश्रित एवं आयकर दाता की श्रेणी में नहीं आते हैं। योजना के तहत प्रदेश सरकार सामान्य बीमारियों पर 50 हजार और गंभीर बीमारियों पर एक लाख 25 हजार रुपये तक की नकद रहित उपचार प्रदान कर रही है। इस पर प्रदेश सरकार को हर साल 40 करोड़ से अधिक का व्ययभार उठाना पड़ रहा है, लेकिन केंद्र के पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर के बाद उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना केंद्र की हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम में समायोजित हो जाएगी। इससे प्रदेश सरकार की हर साल एमएसबीवाई योजना में करोड़ों के व्यय की बचत होगी।
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आंकड़ों में एमएसबीवाई
184 अस्पताल पैनल में शामिल
88 अस्पताल प्राईवेट अस्पताल
95 सरकारी अस्पताल शामिल
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केंद्र की पांच लाख के हेल्थ कवर वाली योजना की गाइड लाइन अभी नहीं मिली है। गाइड लाइन आने के बाद ही साफ होगा कि किस वर्ग के लोग इस योजना के पात्र होंगे। इसके बाद इस योजना से लोगों को लाभान्वित किया जाएगा।
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-डॉ.अमलेश कुमार, प्रभारी, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना
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जिसमें अधिक कवर वही योजना होगी लागू
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें केंद्र से पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर वाली योजना की गाइड लाइन का इंतजार है। केंद्र की योजना में हेल्थ बीमा कवर अधिक है। ऐसे में वही योजना लागू होगी, जिसमें लोगों को अधिक बीमा कवर मिले।
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केंद्र सरकार से ब्योरा मिलने का इंतजार
केंद्रीय बजट में नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत लोगों को बीमा कवर का लाभ देने की घोषणा के बाद एमएसबीवाई के अस्तित्व को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। राज्य में एमएसबीवाई योजना के तहत बीपीएल परिवारों का पौने दो लाख तक के निशुल्क इलाज की सुविधा है। अब केंद्र ने पांच लाख तक के इलाज की सुविधा लोगों को देने की घोषणा की है। ऐसे में एक जैसी योजनाओं को लागू करने में तकनीकी समस्या आने की आशंका है। अपर स्वास्थ्य सचिव अरुणेंद्र चौहान का कहना है कि अभी स्वास्थ्य बीमा योजना की पूरा ब्योरा नहीं आया है। ब्योरा आने के बाद योजना का अध्ययन और उच्च स्तर से निर्देश लेकर ही कदम उठाया जाएगा।