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संत विनोबा भावे ट्रस्ट की जमीन पर माफिया की नजर
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:54 AM IST
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संत विनोबा भावे ट्रस्ट की जमीन पर भू-माफिया की नजर
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
ग्राम पंचायत छरबा के अंतर्गत संत विनोबा भावे ट्रस्ट की जमीन पर भू-माफिया की नजर है। भू-माफिया ट्रस्ट की बंजर भूमि को खुर्द बुर्द करने पर आमादा है। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान सीमा देवी और सामाजिक कार्यकर्ता रामकरण ने उपजिलाधिकारी से की है।
बता दें कुछ दिन पहले उक्त भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया था। तब प्रधान और स्थानीय लोगों ने विरोध कर कब्जा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया था। ग्राम प्रधान सीमा देवी का आरोप है कि उक्त भूमि पर कई बार कब्जे के प्रयास हो चुके हैं, लेकिन तहसील प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिससे भू-माफिया के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की एसआईटी से भी जांच कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान सीमा देवी का कहना है कि भू-माफिया नियम कायदों को ताक पर रख कर ट्रस्ट की भूमि की खरीद फरोख्त कर रहे हैं, जबकि इसका अधिकार सिर्फ ट्रस्ट को है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में ट्रस्ट की करीब 500 बीघे जमीन है। 1986 के बाद से पट्टे नहीं हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी भू-माफिया अवैध तरीके से पट्टे करा रहे हैं। इन पट्टों को तहसील कर्मियों से मिलीभगत कर सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराया जा रहा है। बाद में इस भूमि को मोटी कीमत पर आगे बेच दिया जाता है।
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मामला गंभीर है। इस संबंध में लेखपाल से भी रिपोर्ट मांगी गई है। मैं स्वयं भी मौके पर जाकर इसकी जांच करुंगा।
जितेंद्र कुमार, एसडीएम
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
ग्राम पंचायत छरबा के अंतर्गत संत विनोबा भावे ट्रस्ट की जमीन पर भू-माफिया की नजर है। भू-माफिया ट्रस्ट की बंजर भूमि को खुर्द बुर्द करने पर आमादा है। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान सीमा देवी और सामाजिक कार्यकर्ता रामकरण ने उपजिलाधिकारी से की है।
बता दें कुछ दिन पहले उक्त भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया था। तब प्रधान और स्थानीय लोगों ने विरोध कर कब्जा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया था। ग्राम प्रधान सीमा देवी का आरोप है कि उक्त भूमि पर कई बार कब्जे के प्रयास हो चुके हैं, लेकिन तहसील प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिससे भू-माफिया के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की एसआईटी से भी जांच कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान सीमा देवी का कहना है कि भू-माफिया नियम कायदों को ताक पर रख कर ट्रस्ट की भूमि की खरीद फरोख्त कर रहे हैं, जबकि इसका अधिकार सिर्फ ट्रस्ट को है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में ट्रस्ट की करीब 500 बीघे जमीन है। 1986 के बाद से पट्टे नहीं हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी भू-माफिया अवैध तरीके से पट्टे करा रहे हैं। इन पट्टों को तहसील कर्मियों से मिलीभगत कर सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराया जा रहा है। बाद में इस भूमि को मोटी कीमत पर आगे बेच दिया जाता है।
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मामला गंभीर है। इस संबंध में लेखपाल से भी रिपोर्ट मांगी गई है। मैं स्वयं भी मौके पर जाकर इसकी जांच करुंगा।
जितेंद्र कुमार, एसडीएम