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प्रभावितों के आंदोलन से परियोजना को नुकसान
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:03 PM IST
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जोशीमठ। अलकनंदा पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के बैराज साइड पर हेलंग गांव के परियोजना प्रभावितों का आंदोलन शनिवार को 48वें दिन भी जारी रहा। प्रभावितों के आंदोलन से परियोजना के बैराज का काम भी पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। इससे टीएचडीसी को अभी तक चार करोड़ का नुकसान हुआ है। टीएचडीसी परियोजना के बैराज साइड बरसात से पहले होने वाले कार्य भी नहीं कर पा रही है।
टीएचडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर यूके सक्सेना का कहना है कि टनल का निर्माण कार्य ठप पड़ जाने से वहां कार्य कर रही करोड़ों की मशीनें भी खराब होने लगी हैं। वहीं, आंदोलन कर रहे हेलंग के ग्रामीण रोजगार, सड़क सुविधा, चारापत्ती का लाभ देने और स्कूली बच्चों को बस सेवा का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। ममंद अध्यक्ष प्रेमा देवी, संघर्ष समिति अध्यक्ष रमेश लाल टम्टा का कहना है कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
इधर, जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि प्रभावित गांव के लिए सड़क निर्माण कार्य लोनिवि की ओर से किया जाएगा। यह कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। टीएचडीसी को शिक्षित युवाओं को आईटीआई और पॉलीटेक्निक का प्रशिक्षण दिलवाए जाने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों को प्रशासन की बात माननी चाहिए। जोशीमठ एसडीएम को एक बार फिर ग्रामीणों के साथ वार्ता के लिए भेजा जाएगा।
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टीएचडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर यूके सक्सेना का कहना है कि टनल का निर्माण कार्य ठप पड़ जाने से वहां कार्य कर रही करोड़ों की मशीनें भी खराब होने लगी हैं। वहीं, आंदोलन कर रहे हेलंग के ग्रामीण रोजगार, सड़क सुविधा, चारापत्ती का लाभ देने और स्कूली बच्चों को बस सेवा का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। ममंद अध्यक्ष प्रेमा देवी, संघर्ष समिति अध्यक्ष रमेश लाल टम्टा का कहना है कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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इधर, जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि प्रभावित गांव के लिए सड़क निर्माण कार्य लोनिवि की ओर से किया जाएगा। यह कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। टीएचडीसी को शिक्षित युवाओं को आईटीआई और पॉलीटेक्निक का प्रशिक्षण दिलवाए जाने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों को प्रशासन की बात माननी चाहिए। जोशीमठ एसडीएम को एक बार फिर ग्रामीणों के साथ वार्ता के लिए भेजा जाएगा।
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