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शौचालय बनेगा, तो ही लौटूंगी ससुराल
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:47 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर की ग्राम पंचायत लोकमणीपुर के शीतलपुर गांव निवासी एक नवविवाहिता ने घर में शौचालय न होने से रूठ गई। नवविवाहिता पति से यह कहते हुए मायके चली गई कि ससुराल में जब शौचालय बन जाएगा, तब वह लौट आएगी। नवविवाहिता ने अपने पति को भी साफ शब्दों में चेतावनी दे दी है कि जब तक घर में शौचालय न बने, तब तक उसे लेने के लिए मायके न पहुंचे। दुल्हन की इस शर्त से ससुराली भी परेशान हो उठे हैं।
देश भर में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय बनवाने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं भाबर की लोकमणीपुर ग्राम पंचायत के शीतलपुर समेत कई गांव आज भी इसमें फिसड्डी हैं। इस ग्राम पंचायत की एक नवविवाहिता ने शौचालय न होने पर बगावत की ठान ली। ग्रामीणों के अनुसार शीतलपुर गांव निवासी हरीश सिंह की गत अप्रैल माह में शादी हुई थी। बीपीएल श्रेणी के हरीश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि शौचालय बनाने के लिए उसके पास धेला तक नहीं है। डेढ़ महीने पहले उसकी शादी शहदपुरी, बिजनौर निवासी सोनिया से हुई। ससुराल में आने के बाद उसकी पत्नी सोनिया को जब पता चला कि उसके पति के घर में शौचालय नहीं है तो उसने पति से शौचालय बनवाने की जिद की। जब पति ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाल दिया तो वह आठ जून को रूठकर मायके चली गई। जाते हुए सोनिया ने अपने पति से कहा कि वह जब तक घर में शौचालय नहीं बनेगा, तब तक ससुराल नहीं लौटेगी।
हरीश ने बताया कि उसने ग्राम प्रधान से शौचालय बनवाने का आग्रह किया था। ग्राम प्रधान पूनम मेहरा की ओर से हरीश को आश्वासन दिया गया कि यदि वह भूमि उपलब्ध करवाता है तो उसके घर के पास सार्वजनिक शौचालय बनवाया जा सकता है। हरीश ने भूमि भी उपलब्ध करवा दी। धनावंटन की प्रत्याशा में शौचालय के लिए गड्ढा खोदकर पिट भी तैयार कर दिया गया है, लेकिन शौचालय का पैसा ग्राम पंचायत तक नहीं पहुंच सका है। प्रधान का कहना है कि पैसा मिलते ही काम पूरा करवा दिया जाएगा।
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देश भर में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय बनवाने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं भाबर की लोकमणीपुर ग्राम पंचायत के शीतलपुर समेत कई गांव आज भी इसमें फिसड्डी हैं। इस ग्राम पंचायत की एक नवविवाहिता ने शौचालय न होने पर बगावत की ठान ली। ग्रामीणों के अनुसार शीतलपुर गांव निवासी हरीश सिंह की गत अप्रैल माह में शादी हुई थी। बीपीएल श्रेणी के हरीश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि शौचालय बनाने के लिए उसके पास धेला तक नहीं है। डेढ़ महीने पहले उसकी शादी शहदपुरी, बिजनौर निवासी सोनिया से हुई। ससुराल में आने के बाद उसकी पत्नी सोनिया को जब पता चला कि उसके पति के घर में शौचालय नहीं है तो उसने पति से शौचालय बनवाने की जिद की। जब पति ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाल दिया तो वह आठ जून को रूठकर मायके चली गई। जाते हुए सोनिया ने अपने पति से कहा कि वह जब तक घर में शौचालय नहीं बनेगा, तब तक ससुराल नहीं लौटेगी।
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हरीश ने बताया कि उसने ग्राम प्रधान से शौचालय बनवाने का आग्रह किया था। ग्राम प्रधान पूनम मेहरा की ओर से हरीश को आश्वासन दिया गया कि यदि वह भूमि उपलब्ध करवाता है तो उसके घर के पास सार्वजनिक शौचालय बनवाया जा सकता है। हरीश ने भूमि भी उपलब्ध करवा दी। धनावंटन की प्रत्याशा में शौचालय के लिए गड्ढा खोदकर पिट भी तैयार कर दिया गया है, लेकिन शौचालय का पैसा ग्राम पंचायत तक नहीं पहुंच सका है। प्रधान का कहना है कि पैसा मिलते ही काम पूरा करवा दिया जाएगा।
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